शिकायतों का प्राथमिकता से हुआ निराकरण: सुना, 2392 आवेदनों का निपटारा



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम तुमान में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में तुमान क्लस्टर के ग्राम बनखेता, रावा, पुटुवा, खोडरी तुमान, पोड़ीगोसाई, अमझर, कुटेश्वर नगोई, अमलडीहा, बरबसपुर और तुमान से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। शिविर में कुल 2392 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकतर का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि कुछ मांग संबंधित आवेदनों को प्रक्रिया में लिया गया है।
समाधान शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, जनपद अध्यक्ष श्रीमती माधुरी देवी तंवर, जनपद उपाध्यक्ष श्री प्रकाश चंद्र जाखड़, अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री वसंत ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि शासन की मंशा साफ है—जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान करना। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता हर आवेदन की गहन जांच कर त्वरित कार्यवाही करना है। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का लाभ उठाने और जनदर्शन या एसडीएम कार्यालय के माध्यम से अपनी समस्याएं रखने का आग्रह किया।
कलेक्टर ने यह भी जानकारी दी कि डीएमएफ (खनिज न्यास निधि) के माध्यम से क्षेत्र में स्कूल, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, पुल-पुलिया जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पीएम आवास या अन्य योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे मांगता है तो उसकी तुरंत शिकायत करें।
इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में जिला प्रशासन की पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को रायपुर में नि:शुल्क कोचिंग, आवास और भोजन की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे वे डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना साकार कर सकें।
शिविर में छात्रों को जाति प्रमाणपत्र, हितग्राहियों को जॉब कार्ड, राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और चेक वितरण जैसे लाभ दिए गए।
पेंशन संबंधित आवेदनों का परीक्षण कर पात्रों को जून माह से लाभ देने के निर्देश भी कलेक्टर द्वारा संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
शिविर के नोडल अधिकारी एसडीएम श्री तुलाराम भारद्वाज ने बताया कि 8 से 11 अप्रैल के बीच प्राप्त सभी आवेदनों की ऑनलाइन एंट्री और निराकरण पूर्ण कर लिया गया है। मांग संबंधित मामलों पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।


