March 15, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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“कोरबा की काव्या बनी सफलता की मिसाल – 12वीं में 92% लाकर स्कूल टॉपर बनी, मेडिकल क्षेत्र में चमकाने का सपना”

 

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/  कोरबा जिले की प्रतिभाशाली छात्रा काव्या शुक्ला ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं कक्षा की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 92% अंक हासिल किए हैं। बायोलॉजी ग्रुप से परीक्षा देने वाली काव्या ने निर्मला हाई सेकेंडरी स्कूल, इंग्लिश मीडियम में टॉप किया है। उनकी इस उपलब्धि से स्कूल, परिवार और जिले भर में गर्व और खुशी की लहर दौड़ गई है।

सफलता के पीछे समर्पण और अनुशासन:
काव्या शुक्ला ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को देते हुए कहा, “मेरी सफलता के पीछे मेरे माता-पिता का विश्वास और शिक्षकों का मार्गदर्शन है। उन्होंने हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया और सही दिशा में प्रेरित किया।”

स्कूल प्रबंधन की प्रतिक्रिया:
निर्मला हाई सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल ने काव्या की उपलब्धि पर हर्ष जताते हुए कहा, “काव्या हमारे स्कूल की गौरवशाली छात्रा है। उसकी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता ने उसे यह मुकाम दिलाया है। हम उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।”

परिवार में खुशी का माहौल:
काव्या के माता-पिता ने अपनी बेटी की इस कामयाबी पर हर्ष जताते हुए कहा, “यह पल हमारे लिए गर्व और खुशी से भरा हुआ है। काव्या ने जिस लगन से पढ़ाई की, उसका यह परिणाम मिला है। हम उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं।”

शिक्षकों की अहम भूमिका:
काव्या की सफलता में उसके शिक्षकों का भी अहम योगदान रहा। एक शिक्षक ने कहा, “काव्या शुरू से ही एक होनहार छात्रा रही है। हमने उसे केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण भी सिखाया। उसकी सफलता हम सबके लिए प्रेरणा है।”

भविष्य की योजना – डॉक्टर बनने का सपना:
अपनी आगे की योजना साझा करते हुए काव्या ने कहा, “मैं मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हूं। NEET की तैयारी कर रही हूं और डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना मेरा सपना है। मैं पूरी मेहनत से अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए तैयार हूं।”

प्रेरणा बनीं काव्या:
काव्या शुक्ला की सफलता एक प्रेरणादायक मिसाल है, जो यह बताती है कि समर्पण, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम से किसी भी ऊंचाई को छुआ जा सकता है। कोरबा की यह बेटी अब न सिर्फ अपने माता-पिता और स्कूल, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन करने के मार्ग पर अग्रसर है।

काव्या जैसी होनहार छात्राएं यह सिद्ध करती हैं कि बेटियां आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उनकी सफलता समाज के हर विद्यार्थी को आगे बढ़ने और सपनों को सच करने की प्रेरणा देती है।

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