“कोरबा में ‘कोरवा’ साहित्यिक स्मारिका का भव्य विमोचन, डेढ़ सौ साहित्यकारों की रचनाएं प्रकाशित”




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा। पंडित मुकुटधर पांडे साहित्य भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में ‘कोरवा’ साहित्यिक स्मारिका का विमोचन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, कोरबा नगर निगम महापौर संजू देवी राजपूत एवं पूर्व महापौर जोगेश लांबा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शामिल अतिथियों ने कोरबा के साहित्यकारों के प्रयास की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं।
इस ऐतिहासिक स्मारिका ‘कोरवा’ में लगभग 150 साहित्यकारों की रचनाओं का समावेश किया गया है, जो कोरबा के साहित्यिक जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। समारोह के दौरान वरिष्ठ साहित्यकारों और विभिन्न सामाजिक व साहित्यिक क्षेत्रों में सक्रिय लोगों को सम्मानित किया गया।
कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने संबोधन में साहित्यकारों को बधाई देते हुए कहा कि कोरवा और अन्य आदिवासी समुदायों की विरासत को सहेजने का जो कार्य साहित्यकारों ने किया है, वह सराहनीय है। उन्होंने आश्वस्त किया कि कोरबा के अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
महापौर संजू देवी राजपूत ने कोरबा के विकास में साहित्यकारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी को बधाई दी। वहीं, पूर्व महापौर जोगेश लांबा ने साहित्य को समाज का आईना बताया और कहा कि कोरबा के कवियों और लेखकों ने अपनी लेखनी से इस क्षेत्र को राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाई है।
कार्यक्रम का संचालन साहित्य भवन समिति के सचिव डॉ. कृष्ण कुमार चंद्रा ने किया। इस अवसर पर साहित्य भवन समिति के संरक्षक मोहम्मद यूनुस, कमलेश यादव और अध्यक्ष दिलीप अग्रवाल ने भी अपने विचार रखे और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
इस आयोजन में कोरबा के अलावा बिलासपुर, रायगढ़ और जांजगीर से भी कई साहित्यकारों ने भाग लेकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। ‘कोरवा’ स्मारिका का विमोचन कोरबा के साहित्यिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है।


