खादी को दिल से अपनाएं: राकेश पांडेय ने संभाला छत्तीसगढ़ खादी ग्रामोद्योग बोर्ड का दायित्व, दी नई दिशा की सौगात



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा रायपुर ****/ छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड को आज एक नई ऊर्जा और दृष्टिकोण मिला जब श्री राकेश पांडेय ने बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालते ही श्री पांडेय ने राजधानी रायपुर के कंकालीपारा स्थित गांधी भवन परिसर में संचालित योजनाओं एवं गतिविधियों का गहन अवलोकन किया।
उन्होंने खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक ली, जिसमें उन्होंने राज्य के माननीय मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप कार्यों को गति देने की अपील की। उन्होंने खादी वस्त्रों को आमजन के बीच लोकप्रिय बनाने हेतु ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से प्रचार-प्रसार पर विशेष बल देने के निर्देश दिए।
गांधी जी के सपनों को धरातल पर उतारने का संकल्प
श्री पांडेय ने कहा, “खादी का नाम आते ही पूज्य बापू की छवि उभर आती है। गांधी जी ने खादी को न केवल अपनाया, बल्कि इसे आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनाकर जन-जन तक पहुँचाया। आज आवश्यकता है कि हम उसी विचारधारा को सजीव करें और खादी को हर घर तक पहुँचाएं।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि एक विचार है जो स्वाभिमान, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देता है। यह वही विचार है जिसे हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने “लोकल फॉर वोकल” के रूप में पुनः स्थापित किया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की नई राह
श्री पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) और मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (CMEGP) के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में ग्रामोद्योग आधारित लघु एवं कुटीर उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे, जिससे किसान, मजदूर, महिलाओं सहित सभी वर्गों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्राप्त होगा।
डिजिटलीकरण और नवाचार पर बल
उन्होंने वर्तमान युग की आवश्यकता को देखते हुए खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की वेबसाइट को और अधिक यूजर फ्रेंडली एवं आकर्षक बनाने के निर्देश भी दिए ताकि डिजिटल माध्यम से भी अधिक से अधिक लोगों को खादी से जोड़ा जा सके।

अनुशासन और संवेदनशीलता की भावना
बोर्ड के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को श्री पांडेय ने कार्य के प्रति समर्पण, संवेदनशीलता और अनुशासन का पालन करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यदि हम टीम भावना से कार्य करें, तो खादी और ग्रामोद्योग के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ देशभर में एक नई मिसाल पेश कर सकता है।
ऐतिहासिक स्थल को गौरव दिलाने का संकल्प
श्री पांडेय ने यह भी बताया कि गांधी भवन की भूमि ऐतिहासिक है, जहां दो बार महात्मा गांधी जी के पदचिन्ह पड़े हैं। उन्होंने कहा कि इस पावन भूमि की गरिमा को बनाए रखते हुए, बापू के सपनों को साकार करने हेतु हम एक परिवार की तरह समर्पण के साथ कार्य करेंगे।
छत्तीसगढ़ खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष की यह पहल राज्य में आत्मनिर्भरता, रोजगार, और सांस्कृतिक पुनरुत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


