वक्फ बिल सुधार पर भाजपा की जनजागरण कार्यशाला 25 अप्रैल को, दुष्यंत गौतम और मुख्यमंत्री साय देंगे मार्गदर्शन




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा रायपुर ****/ भारतीय जनता पार्टी द्वारा वक्फ बिल सुधार को लेकर प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आगामी 25 अप्रैल को सुबह 11 बजे कुशाभाऊ ठाकरे परिसर, रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक महत्वपूर्ण जनजागरण कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
इस कार्यशाला में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव तथा संगठन महामंत्री पवन साय कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे।
बैठक में इनकी उपस्थिति आवश्यक:
भाजपा प्रदेश महामंत्री भरतलाल वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला में प्रदेश पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य, मंत्री, सांसद, विधायक, निगम-मंडल-आयोग-बोर्ड के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, जिला भाजपा अध्यक्ष, सभी मोर्चा अध्यक्ष व पदाधिकारी, प्रकोष्ठों के संयोजक/सह संयोजक, नगर निगम के महापौर/सभापति, जिला पंचायत अध्यक्ष/उपाध्यक्ष और वक्फ बिल जनजागरण अभियान की जिला समिति के सदस्य अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
विपक्ष पर किया तीखा प्रहार:
श्री वर्मा ने कहा कि विपक्षी दल वक्फ बोर्ड सुधार कानून को लेकर झूठ और भ्रम फैलाकर समाज को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन भाजपा ने इस अभियान के माध्यम से सत्य को सामने लाने और जनता को जागरूक करने का संकल्प लिया है।
उन्होंने कहा कि यह कानून देश के गरीब मुसलमानों, आदिवासियों, सरकारी और सर्व समाज की जमीनों की रक्षा करता है। विपक्ष का विरोध केवल तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति का हिस्सा है। नया वक्फ कानून कट्टरपंथी एजेंडे को बेनकाब करने का मजबूत औजार बनेगा।
जनता तक सीधे पहुंचेगी बात:
भाजपा इस अभियान में घर-घर जाकर संपर्क करेगी और वक्फ कानून में हुए संशोधन के लाभों को समझाएगी। कार्यशाला के माध्यम से कार्यकर्ताओं को ठोस जानकारी, तर्क और मुद्दों से लैस किया जाएगा, जिससे वे विपक्ष की भ्रामक राजनीति का जवाब दे सकें।
देशभर में मिल रहा समर्थन:
श्री वर्मा ने कहा कि देश के आम, तरक्कीपसंद मुस्लिम नागरिकों ने इस कानून का समर्थन करते हुए इसे समाज के लिए हितकारी बताया है। भाजपा इस अभियान को जनआंदोलन बनाकर इसे हर नागरिक तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह कार्यशाला पार्टी के लिए संगठनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह न केवल वक्फ कानून को लेकर विचारधारा की स्पष्टता लाएगी, बल्कि भाजपा के संगठनात्मक नेटवर्क को भी और अधिक मजबूत करेगी।


