बिलकुल! यहाँ इस खबर को भाजपा के दृष्टिकोण से धारदार, संतुलित और आकर्षक शैली में पेश किया गया है। हेडलाइन को तेज़ और ध्यान खींचने वाला बनाया गया है, साथ ही पूरे समाचार को प्रोफेशनल टोन और पत्रकारिता की शैली में पुनर्लेखित किया गया है: — “गांधी परिवार कानून से ऊपर नहीं”: प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव का कांग्रेस पर बड़ा हमला, धरना-प्रदर्शन को बताया ‘अपराध संरक्षण की रणनीति’ — रायपुर, 17 अप्रैल 2025 — नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत शीर्ष कांग्रेस नेताओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जहाँ कानून अपना कार्य कर रहा है, वहाँ कांग्रेस धरना-प्रदर्शन के माध्यम से न्याय प्रक्रिया को क्यों बाधित करना चाहती है? प्रदेश भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान श्री देव ने कहा कि कांग्रेस इस संवेदनशील मामले में देश का ध्यान भटकाने और गांधी परिवार के लिए राजनीतिक सहानुभूति जुटाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कांग्रेस के धरना-प्रदर्शनों को “अपराध संरक्षण की रणनीति” करार दिया। — किरण देव का तीखा प्रहार: कांग्रेस को फंड और जमीन लूटने का हक़ नहीं श्री देव ने कहा कि यह मामला कोई नया नहीं है—सोनिया गांधी और राहुल गांधी वर्षों से बेल पर हैं, और सुप्रीम कोर्ट तक से राहत न मिलने के बाद अब कांग्रेस जनता की भावनाओं से खेलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दो टूक कहा: “कांग्रेस को किसी भी सूरत में जमीन और फंड लूटने का अधिकार नहीं है।” — “क्या गांधी परिवार कानून से ऊपर है?” — कांग्रेस से पूछे 5 सीधे सवाल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कांग्रेस से पांच सीधे सवाल किए: 1. जहाँ कानून अपना काम कर रहा है, वहाँ कांग्रेस धरना-प्रदर्शन क्यों कर रही है? 2. क्या गांधी परिवार कानून से ऊपर है? 3. जब मामला कोर्ट में है, तो सड़कों पर प्रदर्शन क्या न्यायपालिका की अवमानना नहीं? 4. क्या भ्रष्टाचार के मामलों की जाँच से गांधी परिवार को छूट मिलनी चाहिए? 5. क्या कांग्रेस न्यायपालिका पर दबाव बनाना चाहती है? — ED की चार्जशीट और कांग्रेस का ‘नैरेटिव’ किरण देव ने कहा कि 661 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस नेताओं का नाम सामने आने के बाद भी पार्टी इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” बताकर खुद को निर्दोष साबित करने का प्रयास कर रही है, जबकि जांच एजेंसियाँ संविधान और कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष कार्य कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी अदालत में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए और सुप्रीम कोर्ट से भी सिर्फ इतना मिला कि वे अपने वकील के माध्यम से पेश हो सकते हैं, व्यक्तिगत रूप से नहीं। — भाजपा के प्रमुख नेता भी रहे मौजूद प्रेस वार्ता में प्रदेश भाजपा महामंत्री एवं नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, प्रदेश प्रवक्ता एवं खाद्य आयोग अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा, रायपुर शहर जिला भाजपा अध्यक्ष श्री रमेश सिंह ठाकुर, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री अमित चिमनानी, मीडिया सह-प्रभारी अनुराग अग्रवाल एवं प्रदेश प्रवक्ता उमेश घोरमोड़े भी उपस्थित रहे। — निष्कर्ष: भाजपा का साफ़ कहना है — “भ्रष्टाचार का जवाब कानून से मिलेगा, न कि सड़कों पर शोर मचाकर।” जनता अब समझ चुकी है कि कांग्रेस अपने शीर्ष नेताओं की जवाबदेही से बचने के लिए जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। — अगर आप चाहें तो इस खबर का पोस्टर / सोशल मीडिया ग्राफिक भी तैयार कर सकता हूँ — जिसमें किरण देव के तीखे सवाल और गांधी परिवार पर निशाना प्रमुखता से दिखे। बताइए, बनाऊँ क्या?





त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा। *****/ रायपुर, 17 अप्रैल 2025 — नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत शीर्ष कांग्रेस नेताओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जहाँ कानून अपना कार्य कर रहा है, वहाँ कांग्रेस धरना-प्रदर्शन के माध्यम से न्याय प्रक्रिया को क्यों बाधित करना चाहती है?
प्रदेश भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान श्री देव ने कहा कि कांग्रेस इस संवेदनशील मामले में देश का ध्यान भटकाने और गांधी परिवार के लिए राजनीतिक सहानुभूति जुटाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कांग्रेस के धरना-प्रदर्शनों को “अपराध संरक्षण की रणनीति” करार दिया।
किरण देव का तीखा प्रहार: कांग्रेस को फंड और जमीन लूटने का हक़ नहीं
श्री देव ने कहा कि यह मामला कोई नया नहीं है—सोनिया गांधी और राहुल गांधी वर्षों से बेल पर हैं, और सुप्रीम कोर्ट तक से राहत न मिलने के बाद अब कांग्रेस जनता की भावनाओं से खेलने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने दो टूक कहा:
“कांग्रेस को किसी भी सूरत में जमीन और फंड लूटने का अधिकार नहीं है।”
“क्या गांधी परिवार कानून से ऊपर है?” — कांग्रेस से पूछे 5 सीधे सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कांग्रेस से पांच सीधे सवाल किए:
- जहाँ कानून अपना काम कर रहा है, वहाँ कांग्रेस धरना-प्रदर्शन क्यों कर रही है?
- क्या गांधी परिवार कानून से ऊपर है?
- जब मामला कोर्ट में है, तो सड़कों पर प्रदर्शन क्या न्यायपालिका की अवमानना नहीं?
- क्या भ्रष्टाचार के मामलों की जाँच से गांधी परिवार को छूट मिलनी चाहिए?
- क्या कांग्रेस न्यायपालिका पर दबाव बनाना चाहती है?
ED की चार्जशीट और कांग्रेस का ‘नैरेटिव’
किरण देव ने कहा कि 661 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस नेताओं का नाम सामने आने के बाद भी पार्टी इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” बताकर खुद को निर्दोष साबित करने का प्रयास कर रही है, जबकि जांच एजेंसियाँ संविधान और कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष कार्य कर रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी अदालत में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए और सुप्रीम कोर्ट से भी सिर्फ इतना मिला कि वे अपने वकील के माध्यम से पेश हो सकते हैं, व्यक्तिगत रूप से नहीं।
भाजपा के प्रमुख नेता भी रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में प्रदेश भाजपा महामंत्री एवं नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव,
प्रदेश प्रवक्ता एवं खाद्य आयोग अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा,
रायपुर शहर जिला भाजपा अध्यक्ष श्री रमेश सिंह ठाकुर,
प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री अमित चिमनानी,
मीडिया सह-प्रभारी अनुराग अग्रवाल
एवं प्रदेश प्रवक्ता उमेश घोरमोड़े भी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष:
भाजपा का साफ़ कहना है — “भ्रष्टाचार का जवाब कानून से मिलेगा, न कि सड़कों पर शोर मचाकर।”
जनता अब समझ चुकी है कि कांग्रेस अपने शीर्ष नेताओं की जवाबदेही से बचने के लिए जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



