ओलों की बारिश के बीच भी नहीं टूटा उत्साह: डीडासराई में एकल अभियान का वार्षिक उत्सव और आचार्य सम्मान समारोह भव्य रूप से संपन्न



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//**कोरबा। वन बंधु परिषद द्वारा संचालित स्वयंसेवी संस्था एकल अभियान के अंतर्गत संच केंद्र देवपहरी में वार्षिक उत्सव एवं आचार्य सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। 15 मार्च को ग्राम डीडासराई के सार्वजनिक मंच पर आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र सेवा का प्रेरक संदेश गूंजता रहा। दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में आचार्य, कार्यकर्ता, मातृशक्ति और ग्रामीणजन कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ संच समिति के पदाधिकारियों एवं अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। एकल अभियान की परंपरागत पद्धति के अनुसार आचार्यों द्वारा अतिथियों का तिलक लगाकर स्वागत, अभिनंदन और परिचय कराया गया।

संच समिति के सचिव कृष्णा कुमार कंवर ने वार्षिक उत्सव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एकल अभियान का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, संस्कार और जागरूकता पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा में अपना अमूल्य समय देने वाले आचार्यों को वन बंधु परिषद द्वारा प्रतिवर्ष सम्मानित किया जाता है, जिससे उनका उत्साहवर्धन हो और वे राष्ट्र एवं धर्म के कार्यों में और अधिक समर्पण के साथ आगे बढ़ें।
कार्यक्रम के दौरान संच केंद्र देवपहरी से जुड़े विभिन्न ग्रामों के बच्चों ने अपनी प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया। बच्चों ने बिना देखे दीप मंत्र, ओंकार मंत्र, गायत्री मंत्र, विजयमहा मंत्र, श्री हनुमान चालीसा पाठ, ध्येय वाक्य, भोजन मंत्र, दोहा-चौपाई और 11 से 20 तक के पहाड़े सुनाकर उपस्थित जनसमूह को आश्चर्यचकित कर दिया। इसके साथ ही बच्चों ने देशभक्ति गीत और बालगीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में देशभक्ति और संस्कार का वातावरण बना दिया। ग्रामीणों ने तालियां बजाकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया और एकल विद्यालय की सराहना की।
इसके बाद आचार्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें संच स्नेह संपर्क परिवार की मातृशक्ति और संच समिति के सदस्यों द्वारा आचार्यों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संच समिति अध्यक्ष धन सिंह कंवर ने आचार्यों के समर्पण और सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने हिंदू नव वर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ग्रामवासियों से अपने घरों में भगवा ध्वज फहराने, रंगोली सजाने, दीप जलाने और मिठाई बांटकर हिंदू नव वर्ष को उत्साहपूर्वक मनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में संच समिति सदस्य राजाराम कंवर, ग्राम प्रमुख जगदेव राठिया, रायस राम राठिया, रामप्रसाद, चमरिन बाई, उषा राठिया, माधुरी कंवर, किरण राठिया सहित आचार्यगण, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में अचानक मौसम ने करवट ली और तेज मूसलाधार बारिश के साथ बड़े-बड़े ओलों की वर्षा शुरू हो गई। इस कारण दूर-दूर से आए कई आचार्य और कार्यकर्ता कई घंटों तक वहीं रुकने को मजबूर हो गए। हालांकि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कार्यक्रम का उत्साह और ऊर्जा बरकरार रही।
डीडासराई में आयोजित यह वार्षिक उत्सव और आचार्य सम्मान समारोह ग्रामीण अंचल में शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रभावना को मजबूत करने का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया।


