कोरबा वन मंडल में हाथियों की सक्रियता बढ़ी, 8 गांवों में अलर्ट जारी — वन विभाग की सतर्क निगरानी जारी




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ जिले के वन क्षेत्रों में हाथियों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए वन विभाग ने 8 गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। क्षेत्र में कुल 58 हाथी तीन अलग-अलग झुंडों में विभाजित होकर विचरण कर रहे हैं। हालांकि ये हाथी अभी आबादी क्षेत्र से दूर हैं, फिर भी एहतियात के तौर पर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
हाथियों की गतिविधि का ब्योरा:
- लेमरू और बालको रेंज के बीच पुटकापहाड़ में 13 हाथियों का झुंड पिछले 5 दिनों से डेरा जमाए हुए है। यह इलाका आबादी क्षेत्र से दूर होने के कारण ग्रामीणों को तत्काल खतरा नहीं है, लेकिन वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
- कटघोरा वन मंडल में दो झुंडों में कुल 46 हाथी विचरण कर रहे हैं।
- लेमरू रेंज के पथरीपहाड़ में 39 हाथियों का बड़ा झुंड मौजूद है। ये हाथी कुदमुरा रेंज से आए हैं और पसरखेत रेंज की ओर जाने की संभावना जताई जा रही है।
- इसी कारण बिजोरा, डोगाआमा और पथरी गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।
- करतला रेंज के चिकनीपाली क्षेत्र में 6 हाथियों का एक झुंड लंबे समय से एक ही स्थान पर बना हुआ है। इनके केराकछाल, बेहरचुंवा और रैनखोल की ओर बढ़ने की आशंका है, जिसके चलते वहां के लोगों को भी अलर्ट किया गया है।
हाथियों की जनसंख्या और खतरे की आशंका:
वन विभाग के अनुसार, इन झुंडों में 12 नर, 30 मादा और 16 बच्चे शामिल हैं। विभाग ने बताया कि अक्सर झुंड से अलग होकर निकलने वाले दंतैल हाथी (वयस्क नर) ही ग्रामीण क्षेत्रों में घुसकर नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए उन पर विशेष नजर रखी जा रही है।
वन विभाग की अपील और प्रयास:
वन विभाग ने ग्रामीणों से आग्रह किया है कि वे रात्रि में घरों से बाहर न निकलें, खेतों में अकेले न जाएं और किसी भी स्थिति में हाथियों को उकसाने का प्रयास न करें। वन अमला लगातार गश्त कर रहा है और गांवों में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
यह स्थिति आगामी कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, इसलिए ग्रामीणों को सतर्क रहने और विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।


