आयकर विभाग की कार्यशाला में अग्रिम कर भुगतान पर चर्चा, अंतिम तिथि 31 मार्च”


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा। आयकर विभाग द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यशाला में अग्रिम आयकर भुगतान को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। इस कार्यशाला में चैंबर ऑफ कॉमर्स के व्यापारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) और अन्य प्रतिष्ठित लोग शामिल हुए। आयकर अधिकारियों और विशेषज्ञों ने अग्रिम कर भुगतान की प्रक्रिया, समयसीमा और इससे जुड़े नियमों की विस्तार से जानकारी दी।
कार्यशाला में अधिकारियों और विशेषज्ञों ने साझा की अहम जानकारियां
इस कार्यशाला में आयकर विभाग की ओर से अधिकारी प्रमोद कुमार, इंस्पेक्टर श्री पैकरा और मनीष कुमार ने भाग लिया। इसके अलावा, सीए एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष खेतान, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष योगेश जैन, नरेश अग्रवाल, मो. युनूस, गोपाल अग्रवाल, सीए प्रकाश अग्रवाल, सीए अंकित अग्रवाल, सीए गोपाल अग्रवाल, जगदीश सोनी, पारस जैन, सीए दीपक अग्रवाल, अधिवक्ता कैलाश अग्रवाल और वाय.के. मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्ति इस कार्यशाला में उपस्थित रहे।
अग्रिम आयकर भुगतान की अंतिम तिथि 31 मार्च
कार्यशाला के दौरान, विशेषज्ञों ने अग्रिम आयकर (Advance Tax) भुगतान की प्रक्रिया और नियमों को विस्तार से समझाया। यह बताया गया कि पूर्व में अग्रिम कर भुगतान की अंतिम तिथि 15 मार्च थी, जिसे अब बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया है। इस बदलाव से करदाताओं को राहत मिलेगी और वे बिना किसी देरी के समय पर कर जमा कर सकेंगे।
क्या है अग्रिम आयकर और कौन कर सकता है भुगतान?
अग्रिम आयकर वह कर है, जो पूर्व निर्धारित समयसीमा के भीतर अनुमानित आय के आधार पर जमा किया जाता है। यह उन व्यक्तियों और व्यवसायों के लिए आवश्यक होता है, जिनकी आयकर देनदारी 10,000 रुपये से अधिक होती है।
अग्रिम आयकर का भुगतान निम्नलिखित करदाता कर सकते हैं:
- व्यवसायी और व्यापारी जिनकी सालाना आय कर योग्य सीमा से अधिक है।
- फ्रीलांसर और प्रोफेशनल्स (डॉक्टर, वकील, सीए, कंसल्टेंट आदि)।
- कंपनियां और फर्म जिन्हें अनुमानित आय के आधार पर कर जमा करना होता है।
अग्रिम आयकर भुगतान क्यों आवश्यक है?
विशेषज्ञों ने बताया कि अग्रिम आयकर का भुगतान समय पर करने से आयकर अधिनियम, 1961 के तहत ब्याज और दंड से बचा जा सकता है। यदि करदाता निर्धारित समय तक अग्रिम कर का भुगतान नहीं करता है, तो उसे धारा 234B और 234C के तहत ब्याज और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
कैसे करें अग्रिम आयकर का भुगतान?
- ऑनलाइन माध्यम से भुगतान:
- आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (https://www.incometax.gov.in) पर जाएं।
- “e-Pay Tax” विकल्प का चयन करें और चालान नंबर 280 भरें।
- नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या UPI के माध्यम से भुगतान करें।
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ऑफलाइन भुगतान:
- नजदीकी अधिकृत बैंक शाखा में जाकर चालान नंबर 280 के जरिए भुगतान करें।
- भुगतान के बाद चालान की रसीद प्राप्त करें और उसे अपने रिकॉर्ड में रखें।
अग्रिम आयकर भुगतान के लाभ
- समय पर कर भुगतान से ब्याज और पेनल्टी से बचा जा सकता है।
- वित्तीय वर्ष के अंत में एकमुश्त कर भुगतान का बोझ कम हो जाता है।
- सरकार द्वारा संचालित योजनाओं और विकास कार्यों में योगदान किया जा सकता है।
- करदाता की वित्तीय स्थिति और क्रेडिट रेटिंग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
निष्कर्ष
आयकर विभाग की इस कार्यशाला में व्यापारियों और सीए समुदाय को अग्रिम आयकर भुगतान के महत्व और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि 31 मार्च 2025 की समयसीमा से पहले सभी पात्र करदाता अपना अग्रिम कर भुगतान सुनिश्चित करें, ताकि अनावश्यक जुर्माने और ब्याज से बचा जा सके।


