छत्तीसगढ़ किसान सभा और भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ मांगे पूर्ण न होने पर करेंगे अर्धनग्न प्रदर्शन







त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया के अधीन संचालित एसईसीएल बिलासपुर की कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ में एसईसीएल के कुसमुंडा, गेवरा, दीपका और कोरबा के खदानों से प्रभावित भू-विस्थापित किसानों की लंबित रोजगार प्रकरणों का तत्काल निराकरण, बसावट, खमहरिया की जमीन किसानों को वापस करने एवं प्रभावित ग्राम में मूलभुत सुविधा उपलब्ध कराने के साथ 4 सूत्रीय मांग को लेकर 23 दिसंबर को एसईसीएल बिलासपुर सीएमडी कार्यालय के सामने अर्धनग्न प्रदर्शन करते हुए घेराव करने घोषणा की गई है।
किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा कि भू-विस्थापित रोजगार के लंबित प्रकरणों का निराकरण की मांग करते हुए थक गए हैं। विकास के नाम पर अपने ग्राम और जमीन से बेदखल कर दिए गए विस्थापित परिवारों की जीवन स्तर सुधरने के बजाय और भी बदतर हो गई है।
# उनकी मांगें:-
* भू-विस्थापित जिनकी जमीन सन 1978 से 2004 तक अर्जन की गई उन प्रत्येक खातेदार को रोजगार संबंधित प्रक्रिया पूरी कर जल्द रोजगार प्रदान किया जाए।
* जिन भू-विस्थापितों की फाइल बिलासपुर मुख्यालय में है, उन्हें तत्काल रोजगार प्रदान किया जाए।
* पूर्व में अधिग्रहित खमहरिया की जमीन मूल किसानों को वापस की जाए।
* भैसमाखार के भू-विस्थापित को बसावट प्रदान किया जाए।





