छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड चेयरमेन डॉ. सलीम राज के करकमलों से “शहंशाह-ए-छत्तीसगढ़” कैलेंडर का भव्य विमोचन






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के माननीय चेयरमेन डॉ. सलीम राज के करकमलों से “शहंशाह-ए-छत्तीसगढ़” कैलेंडर का विधिवत और गरिमामय विमोचन किया गया। यह कैलेंडर आगामी नववर्ष के अवसर पर कोरबा सुन्नी मुस्लिम जमात के अध्यक्ष हाजी अखलाक खान असरफी द्वारा प्रकाशित कराया गया है। यह कैलेंडर सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत उपयोगी बताया जा रहा है।
इस विशेष कैलेंडर में उर्दू तिथियों के साथ राष्ट्रीय पर्व, इस्लामी त्योहार, शादी-विवाह की शुभ तिथियाँ, पवित्र आयतें एवं दुआओं को सुंदर और सुव्यवस्थित रूप में स्थान दिया गया है, जिससे आमजन को धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों की सही और सटीक जानकारी मिल सके।

लूथरा शरीफ दरगाह में अकीदत के साथ पेश किया गया कैलेंडर
कैलेंडर के विमोचन से पूर्व इसे दरगाह लूथरा शरीफ में बाबा साहब के आस्ताने पर अकीदत के साथ पेश किया गया। इस अवसर पर लूथरा शरीफ दरगाह के खादिम
हाजी शेर मोहम्मद, उस्मान खान, अब्दुल गफ्फार, हाजी शरीफ खान, हाजी मोहम्मद साबिर तथा यासीन खान
सहित कोरबा मुस्लिम जमात के सरफरस्त कारी सैय्यद सब्बीर अहमद असरफी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर समाज की खुशहाली और भाईचारे के लिए दुआ की।
रायपुर में हुआ औपचारिक विमोचन
इसके पश्चात रायपुर पहुंचकर वक्फ बोर्ड चेयरमेन डॉ. सलीम राज के कार्यालय में कैलेंडर का औपचारिक विमोचन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे—
कोरबा सुन्नी मुस्लिम जमात के अध्यक्ष हाजी अखलाक खान असरफी,
बिलासपुर से हाजी इकबाल हक,
शेख अब्दुल गफ्फार,
सुन्नी मुस्लिम जमात के जनरल सेक्रेटरी जुम्मन खान रिजवी,
हकीम खान
सहित अनेक प्रबुद्ध नागरिक।
अतिथियों ने की कैलेंडर के प्रकाशन की सराहना
सभी अतिथियों ने “शहंशाह-ए-छत्तीसगढ़” कैलेंडर के प्रकाशन की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि यह समाज को धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से दिशा देने वाला उपयोगी प्रकाशन है। इससे लोगों को महत्वपूर्ण पर्व-त्योहारों एवं शुभ तिथियों की सही जानकारी समय पर मिल सकेगी।
निशुल्क वितरण की घोषणा — हाजी अखलाक खान असरफी
इस अवसर पर हाजी अखलाक खान असरफी ने कहा कि—
“यह कैलेंडर समाज के लोगों को निःशुल्क वितरित किया जाएगा। इसे शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाया जाएगा, ताकि हर व्यक्ति को धार्मिक एवं सामाजिक तिथियों की सही जानकारी मिल सके।”
उन्होंने कहा कि यह प्रयास समाज में धार्मिक जागरूकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता को और मजबूत करेगा।
सामाजिक सौहार्द का संदेश
“शहंशाह-ए-छत्तीसगढ़” कैलेंडर का यह विमोचन कार्यक्रम धार्मिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया। उपस्थित सभी लोगों ने इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।





