“एक राष्ट्र–एक चुनाव” को लेकर कोरबा के शासकीय ई.वी.पी.जी. कॉलेज में गूंजा समर्थन, सैकड़ों छात्र–छात्राओं ने हस्ताक्षर कर जताया जनसमर्थन






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी पहल “एक राष्ट्र–एक चुनाव” के समर्थन में पूरे देशभर में चल रहे जनजागरूकता अभियान के तहत कोरबा जिले के शासकीय ई.वी.पी.जी. महाविद्यालय में एक भव्य हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का शुभारंभ छत्तीसगढ़ प्रदेश में ‘एक राष्ट्र–एक चुनाव’ के प्रभारी एवं भाटापारा विधायक श्री शिवरतन शर्मा के निर्देशानुसार तथा भाजपा जिला अध्यक्ष श्री गोपाल मोदी के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम का संचालन ‘एक राष्ट्र–एक चुनाव’ अभियान के सह संयोजक श्री मोंटी पटेल के नेतृत्व में किया गया, जिसमें महाविद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र–छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर हस्ताक्षर कर इस राष्ट्रव्यापी पहल को समर्थन दिया।
“राष्ट्र सर्वोपरि की भावना से जुड़ा अभियान” — मोंटी पटेल
इस अवसर पर सह संयोजक मोंटी पटेल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि “एक राष्ट्र–एक चुनाव” राष्ट्रहित में उठाया गया ऐतिहासिक कदम है। इससे बार-बार होने वाले चुनावों से होने वाले भारी खर्च, प्रशासनिक बाधाओं और संसाधनों की अनावश्यक बर्बादी पर रोक लगेगी। इससे न केवल समय और धन की बचत होगी, बल्कि देश के विकास कार्यों में भी निरंतरता बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से लोकतंत्र में जनता का विश्वास और भी मजबूत होगा तथा राजनीतिक दलों को सकारात्मक, विकासोन्मुख और जिम्मेदार राजनीति की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

छात्र–छात्राओं में दिखा विशेष उत्साह
हस्ताक्षर अभियान के दौरान महाविद्यालय परिसर में छात्र–छात्राओं में विशेष उत्साह और जागरूकता देखने को मिली। बड़ी संख्या में युवाओं ने इस पहल को देश के भविष्य के लिए आवश्यक सुधार बताते हुए अपना समर्थन दर्ज कराया। छात्र–छात्राओं ने कहा कि इससे पढ़ाई के समय बार-बार आचार संहिता लागू होने से होने वाले व्यवधानों से भी राहत मिलेगी।
लोकतांत्रिक प्रणाली को मिलेगी मजबूती
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि “एक राष्ट्र–एक चुनाव” की अवधारणा न केवल चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, प्रभावी और मजबूत बनाएगी, बल्कि इससे प्रशासनिक स्थिरता, संसाधनों की बचत और विकास कार्यों की निरंतरता सुनिश्चित होगी। बार-बार चुनावों से उत्पन्न राजनीतिक अस्थिरता पर भी इससे काफी हद तक रोक लगेगी।
युवाओं से जुड़ाव बना अभियान की ताकत
हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से युवाओं को लोकतांत्रिक सुधारों से जोड़ने का यह प्रयास विशेष रूप से सराहनीय रहा। कार्यक्रम के अंत में अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने युवाओं से अपील की कि वे इस विषय पर समाज में भी जागरूकता फैलाएँ और राष्ट्रहित से जुड़े इस महाअभियान को जन-आंदोलन का रूप दें।





