राष्ट्रगीत “वंदेमातरम्” के 150 वर्ष : महापौर मीनल चौबे और प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष विभा अवस्थी ने किया सामूहिक गायन — मातृभूमि के प्रति आस्था का हुआ अभिव्यक्त प्रदर्शन






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/रायपुर। राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर रायपुर में देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति आस्था से ओतप्रोत भव्य आयोजन हुआ। भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी के नेतृत्व में देवेंद्र नगर स्थित श्री बालाजी विद्यालय परिसर में सामूहिक राष्ट्रगीत गान कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा और छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत सहित अनेक महिला नेत्रियाँ एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर पुष्पार्पण और दीप प्रज्वलन से किया गया। इसके बाद राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का सामूहिक गान हुआ, जिसमें स्कूली छात्र-छात्राओं, महिला संगठनों की पदाधिकारिणियों और समाज प्रमुखों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति की भावना से गूंज उठा।

“वंदेमातरम् भारत की आज़ादी का आधार है” – मीनल चौबे
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने इस अवसर पर प्रदेश और देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वंदे मातरम् मात्र एक गीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा रहा है। यह मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता और समर्पण की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा — “आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा देश एक स्वर में वंदे मातरम् गा रहा है, यह गीत हमें सदैव नई ऊर्जा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है।”
“वंदे मातरम् मातृभूमि की शक्ति और एकता का प्रतीक” – विभा अवस्थी
महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के वर्षभर चलने वाले स्मरणोत्सव की शुरुआत देश की अस्मिता का उत्सव है। उन्होंने कहा — “बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा रहा है। यह गीत मातृभूमि की शक्ति, समृद्धि और दिव्यता का प्रतीक है, जो हर भारतीय को गर्व और एकता के भाव से जोड़ता है।”
“देशभक्ति की अमर रचना है वंदे मातरम्” – वर्णिका शर्मा
बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने कहा कि बंकिमचंद्र चटोपाध्याय जी द्वारा रचित वंदे मातरम् मातृभूमि की स्तुति में लिखा गया एक कालजयी काव्य है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अनगिनत वीरों को प्रेरणा दी।
“वंदे मातरम् ऊर्जा और समर्पण का प्रतीक है” – शालिनी राजपूत
हस्तशिल्प विकास बोर्ड अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने कहा कि इस गीत ने देश के हर नागरिक में आत्मबल और त्याग की भावना जगाई। उन्होंने कहा — “असंख्य क्रांतिकारियों ने ‘वंदे मातरम्’ कहते हुए प्राणों की आहुति दी, इसलिए यह गीत भारत की एकता और स्वतंत्रता का अमर प्रतीक है।”
कार्यक्रम का संचालन वार्ड पार्षद कृतिका जैन ने किया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता किरण बघेल, रजिया खान, अनामिका सिंह, स्वप्निल मिश्रा, ममता अग्रवाल, शैलेन्द्रि परगनिया, संगीता शर्मा, मिली बनर्जी, वंदना राठौड़, प्रियंका गिरी, टिकी सिन्हा, सरिता वर्मा, एम. लक्ष्मी, सुषमा, महिला मोर्चा की अनेक पदाधिकारी, समाज संगठनों की अध्यक्षाएँ, विद्यालय की शिक्षिकाएँ एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।
राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर यह आयोजन मातृभूमि के प्रति समर्पण और भारतीय संस्कृति की एकता-अखंडता का सशक्त प्रतीक बन गया।
📌 #VandeMataram150Years #BJPMahilaMorcha #Raipur #NationFirst #VandemataramCelebration #MahilaShakti





