स्वर’ हिंदी उत्सव में गूंजा बालको — शब्दों और संवेदनाओं की सुरम्य संगोष्ठी में खिला बच्चों का हुनर






बालकोनगर, 17 अक्टूबर 2025।वेदांता समूह की इकाई भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने शुक्रवार को अपने परिसर में ‘स्वर’ हिंदी उत्सव का भव्य आयोजन किया। यह कार्यक्रम बालको द्वारा हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।


कार्यक्रम में बालकोनगर और आसपास के आठ विद्यालयों के लगभग 120 विद्यार्थियों ने भाग लिया और अपनी साहित्यिक प्रतिभा से सबका मन मोह लिया।
‘स्वर’ उत्सव के अंतर्गत आयोजित अंतर-विद्यालय प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने तात्कालिक भाषण, कविता पाठन, निबंध लेखन और हिंदी प्रश्नोत्तरी जैसी विधाओं में हिस्सा लिया। मंच पर बच्चों ने अपनी आवाज़, शब्दों और भावनाओं से ऐसा वातावरण रचा कि सभागार में उपस्थित हर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गया।
बालको के सीईओ एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा —
“सामंजस्यपूर्ण समाज की साहित्यिक नींव को आकार देने में आने वाली युवा पीढ़ी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हिंदी को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता केवल शब्दों तक सीमित नहीं, यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोने का संकल्प है।”
निबंध लेखन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने समसामयिक और चिंतनशील विषयों पर अपने विचार रखे।
कक्षा 5वीं से 8वीं तक के बच्चों ने ‘अगर मैं प्रधानमंत्री होता…’ और ‘मोबाइल फोन – लाभ और हानि’ जैसे विषयों पर अपने दृष्टिकोण रखे,
वहीं 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने ‘सोशल मीडिया – लाभ और हानि’ तथा ‘जलवायु परिवर्तन और हमारी जिम्मेदारी’ पर अपनी कलम चलाई।
कविता पाठन में विद्यार्थियों ने सामाजिक, भावनात्मक और पर्यावरणीय विषयों पर मनमोहक रचनाएँ प्रस्तुत कीं, जिनसे पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा हिंदी प्रश्नोत्तरी प्रतिस्पर्धा, जिसमें बालकोनगर के आठ विद्यालयों के 40 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
हिंदी साहित्य, व्याकरण, कवि-लेखक परिचय और भाषा ज्ञान से जुड़े रोचक प्रश्नों ने बच्चों की बुद्धिमत्ता को परखा।
इस प्रतिस्पर्धा में बाल सदन स्कूल और दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), बालको ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विजेता विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। बालको प्रबंधन ने इस अवसर पर कहा कि कंपनी भविष्य में भी स्थानीय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और हिंदी भाषा के संवर्धन हेतु ऐसे कार्यक्रमों का नियमित आयोजन करती रहेगी।





