अवैध कब्जों पर गरजा प्रशासन — पर सवाल ये कि पहले सोता क्यों रहता है सिस्टम? मिनीमाता चौक और नेहरू नगर में चला बुलडोजर, तो हिल गई अवैध निर्माण माफिया की नींव






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा, 17 अक्टूबर 2025।
कोरबा के बालकोनगर क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह प्रशासन का बुलडोजर गरजा — मिनीमाता चौक, सिविक सेंटर के आसपास और नेहरू नगर इलाके में फैले अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया।
जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में कार्यवाही को अंजाम दिया। लेकिन इस कार्रवाई के बाद शहर में एक बड़ा सवाल गूंज रहा है — आखिर ऐसी नौबत आती ही क्यों है? जब अतिक्रमण बन रहा था, तब जिम्मेदार अधिकारी कहां थे?
जानकारी के अनुसार, बीते कुछ हफ्तों में इन इलाकों में कुछ लोगों ने बालको स्वामित्व वाली भूमि पर कब्जा जमाने की कोशिशें शुरू कर दी थीं। सीमेंट, सरिया और ईंटों से दीवारें खड़ी हो गईं, छतें ढलने लगीं, बिजली-पानी का इंतजाम तक हो गया — लेकिन प्रशासन को तब कुछ नहीं दिखा।
शिकायतें मिलने के बाद जब मामला ऊपर तक पहुंचा, तब जाकर जिला प्रशासन हरकत में आया और बुलडोजर चलाकर पूरे निर्माण को जमींदोज कर दिया।
अधिकारियों का कहना है कि पहले भी नोटिस जारी किए गए थे, परंतु लोगों ने चेतावनी को ठेंगा दिखाते हुए निर्माण जारी रखा। अब वही दीवारें, जिनमें लाखों रुपये झोंके गए थे, कुछ ही मिनटों में ढेर बन गईं।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि शासकीय या निजी भूमि पर कोई भी कब्जा अब नहीं चलेगा। जो भी व्यक्ति दोबारा ऐसी हरकत करेगा, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, आम नागरिकों में यह सवाल भी उठ रहा है कि जब अतिक्रमण फल-फूल रहे थे, तब निगम और राजस्व विभाग के कर्मचारी कहां थे? क्या वसूली में व्यस्त थे या फिर आंख मूंदकर सब कुछ देखने की नीति अपनाए हुए थे?
शहरवासियों का कहना है कि अगर प्रशासन शुरुआती स्तर पर ही सख्ती दिखाए, तो अवैध निर्माण की नौबत ही न आए।
जिला प्रशासन ने जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या अवैध निर्माण की सूचना तुरंत दें, ताकि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाया जा सके।
साथ ही प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगे से ऐसे मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी — केवल बुलडोजर नहीं, बल्कि जिम्मेदार अफसरों पर भी कार्रवाई होगी।





