सड़कों की दुर्दशा पर फूटा जनाक्रोश — सभापति नूतन सिंह ठाकुर के नेतृत्व में कोरबा में नागरिकों का विशाल धरना प्रदर्शन, कहा “प्रशासन होश में आए!”






कोरबा।कोरबा शहर की जर्जर सड़कों और अव्यवस्थित नगरीय व्यवस्था के खिलाफ आज नगर निगम सभापति श्रीमती नूतन सिंह ठाकुर के नेतृत्व में ट्रांसफर नगर चौक पर नागरिकों का विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान शहर के विभिन्न इलाकों से सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, युवा, व्यापारी, अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि एकजुट होकर जिला प्रशासन के खिलाफ अपने आक्रोश का विस्फोट किया।



सभा स्थल पर “कोरबा की सड़कें सुधारो — भ्रष्टाचार बंद करो” और “प्रशासन होश में आओ” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बार-बार शिकायतों और ज्ञापनों के बावजूद सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे नागरिकों का सब्र अब जवाब दे चुका है।
सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने बताया कि पिछले कई महीनों से शहर के सभी वार्डों में सड़कों की हालत बदतर है, जगह-जगह गड्ढे हैं, जल निकासी व्यवस्था ध्वस्त है और बारिश के मौसम में नागरिकों का आवागमन दूभर हो गया था। उन्होंने कहा कि “जनप्रतिनिधियों की बात अधिकारी नहीं सुन रहे हैं, शासन की राशि का दुरुपयोग हो रहा है, और शहर के विकास कार्य ठप पड़े हैं।” ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि “आज का धरना शांतिपूर्ण था, लेकिन यदि दीपावली के बाद भी सड़कों की मरम्मत नहीं हुई, तो आम नागरिकों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।”
धरना प्रदर्शन में कई संगठनों और सामाजिक दलों ने हिस्सा लिया —
छत्तीसगढ़ क्रांति सेना, छत्तीसगढ़ जोहर पार्टी, आम आदमी पार्टी, जिला अधिवक्ता संघ, जिला ऑटो संघ, सिटी मिनी बस यूनियन, भूस्थापित कामगार संगठन, किसान संगठन, कुसमुंडा व्यापारी संघ, और नगर निगम के कई पार्षदों ने भी आंदोलन का समर्थन किया।
धरना स्थल पर पहुंचे प्रमुख नेताओं और प्रतिनिधियों में —
पार्षद अब्दुल रहमान, विनम्र तिवारी, टामेश अग्रवाल, श्रीमती प्रीति दिनेश शर्मा, पूर्व पार्षद परमजीत सिंह पप्पी, महेश अग्रवाल, दिनेश सोनी, संतोष कैवर्त, छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के मुखिया दिलीप मेरी, अतुलदास, जोहर पार्टी के नेता सोनू राठौर, जैनेंद्र कुर्रे, श्रीमती चंचल, कुसमुंडा व्यापारी संघ के प्रमुख ओम गभेल, सुरेंद्र राठौर, आम आदमी पार्टी की नेता आनंद सिंह, शत्रुघ्न साहू, किसान नेता दिलहरण सारथी, जोगीराम पटेल, भूस्थापित कामगार संगठन के अध्यक्ष अशोक कुमार पटेल, जिला अधिवक्ता संघ कोरबा के अध्यक्ष गणेश कुलदीप, ऑटो संघ के उपाध्यक्ष पंकज तिवारी और सिटी मिनी बस यूनियन के नेता धनेश्वर साहू सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित थे।
सभी नेताओं ने एक सुर में जिला प्रशासन पर लापरवाही, भ्रष्टाचार और जनहित की अनदेखी का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि “कोरबा में करोड़ों रुपए के विकास कार्यों का बजट तो पास हो जाता है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं दिखता। सड़कों की मरम्मत अधूरी है, डामर की जगह धूल उड़ रही है और नागरिकों का जीवन संकट में है।”
धरना के अंत में सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने शासन-प्रशासन से तत्काल शहर की सड़कों की मरम्मत कराने, नालियों की सफाई कराने, और भ्रष्ट ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अब भी नहीं चेती, तो कोरबा के नागरिक जन आंदोलन के रूप में सड़कों पर उतरेंगे।
इस धरना प्रदर्शन ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है, और नागरिकों में यह उम्मीद जगी है कि अब शायद शासन कोरबा की सड़कों की ओर ध्यान देगा।





