February 11, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

देहदान कर मानवता की मिसाल बने ऑटो चालक राजेश नायडू — ऑटो संघ ने परिवार को दी आर्थिक सहायतासेवा के साथ समर्पण का उदाहरण — ऑटो संघ ने दिवंगत सदस्य के परिवार के प्रति निभाया दायित्व

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **/ कोरबा, 15 अक्टूबर 2025।
कोरबा शहर के तुलसी नगर निवासी ऑटो चालक राजेश कुमार नायडू ने जीवन के अंतिम क्षणों में भी मानवता की मिसाल पेश करते हुए देहदान का संकल्प लिया था। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उन्होंने स्वयं देहदान का घोषणा-पत्र भरकर यह निश्चय किया कि उनकी मृत्यु के पश्चात उनका शरीर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के कार्यों में उपयोग किया जाए।
गत दिनों उनके निधन के बाद, दक्षिण भारत से पहुंचे परिजनों ने उनके इस संकल्प को पूरा करते हुए मेडिकल कॉलेज को देहदान किया। परिजनों ने प्रतीकात्मक रूप से अंतिम संस्कार की रस्म अदा कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी।
💠 ऑटो संघ ने दिखाई संवेदनशीलता — परिवार को दी आर्थिक मदद
दिवंगत राजेश नायडू जिला ऑटो संघ के सक्रिय सदस्य थे और उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। स्थिति को देखते हुए जिला ऑटो संघ ने उनके परिवार की आर्थिक मदद करने का निर्णय लिया।
इस अवसर पर संघ के पदाधिकारियों — अध्यक्ष आजम खान, उपाध्यक्ष पंकज तिवारी, सचिव यशवंत कौशिक, कोषाध्यक्ष श्याम गुरुजी सहित अन्य सदस्यों ने राजेश नायडू के घर पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की और 5,000 रुपए की आर्थिक सहायता राशि भेंट की।
🕊️ “राजेश ने दिखाया कि मानव सेवा जीवन के बाद भी संभव है” — संघ पदाधिकारी
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि राजेश कुमार नायडू ने न केवल अपने जीवनकाल में एक ईमानदार चालक और समाजसेवी की भूमिका निभाई, बल्कि देहदान कर मानवता की सर्वोच्च सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल ऑटो संघ का, बल्कि पूरे कोरबा शहर का गौरव बढ़ाने वाला है। राजेश ने यह साबित किया कि ऑटो चालक केवल सड़कों पर नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग तक सेवा का संदेश लेकर चलता है।
🌼 मानवता के प्रति समर्पण का प्रेरणास्रोत उदाहरण
कोरबा जिला ऑटो संघ ने राजेश के परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा देते हुए कहा कि संघ हमेशा अपने सदस्यों के साथ खड़ा रहेगा।
राजेश नायडू का यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बन गया है — कि देहदान न केवल वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए उपयोगी है, बल्कि यह मानवता के प्रति सर्वोच्च सेवा का प्रतीक भी है।
राजेश नायडू की यह विरासत समाज को सिखाती है — जीवन समाप्त हो सकता है, लेकिन सेवा और समर्पण की भावना अमर रहती है।

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.