“हर घर स्वदेशी, घर-घर आत्मनिर्भर भारत” — उप मुख्यमंत्री अरुण साव बोले, छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर भारत के अभियान में निभा रहा अग्रणी भूमिका!






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा****रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आज आत्मनिर्भरता के मार्ग पर तेज़ी से अग्रसर है। “वोकल फॉर लोकल” के आह्वान ने न केवल जनता में स्वदेशी उत्पादों के प्रति विश्वास जगाया है, बल्कि यह अभियान भारत को आर्थिक, सांस्कृतिक और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जन आंदोलन का रूप ले चुका है।





शनिवार को राजधानी रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्री साव ने कहा कि “आत्मनिर्भर भारत” के निर्माण में छत्तीसगढ़ की भी अपनी अहम भूमिका है। प्रदेश की परंपरागत कला, संस्कृति और स्थानीय उत्पाद अब राष्ट्रीय पहचान प्राप्त कर रहे हैं। बस्तर की लोक कला, जशपुर की कॉफी, डोकरा कला, टेराकोटा शिल्प, और महिला स्व-सहायता समूहों के हर्बल उत्पाद पूरे देश में छत्तीसगढ़ की पहचान बनते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा —
“बस्तर आर्ट और डोकरा जैसे उत्पाद भारत की सांस्कृतिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुके हैं। जैविक खेती और स्थानीय संसाधनों के उपयोग से किसान आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं। यह आत्मनिर्भर भारत की सच्ची तस्वीर है।”
उप मुख्यमंत्री साव ने बताया कि भाजपा द्वारा देशव्यापी स्तर पर “हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी” अभियान चलाया जा रहा है, जो 25 सितंबर (पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती) से 25 दिसंबर (अटल बिहारी वाजपेयी जयंती) तक चलेगा। इस दौरान आत्मनिर्भर भारत संकल्प सम्मेलन, रथ यात्राएं, स्वदेशी मेले और प्रदर्शनी जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं ताकि आम नागरिक स्वदेशी उत्पादों से जुड़ें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद से देश की अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। आयकर और जीएसटी स्लैब में सुधार से लेकर डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं ने भारत की दिशा बदल दी है।
श्री साव ने कहा —
“वित्त वर्ष 2014-15 में भारत का रक्षा निर्यात जहाँ केवल 1,941 करोड़ रुपए था, वहीं वित्त वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 23,622 करोड़ रुपए हो गया है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप ईकोसिस्टम बन चुका है, जहाँ 100 से अधिक यूनिकॉर्न कंपनियाँ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार कर रही हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि नई जीएसटी दरों से गरीब, किसान, महिला और मध्यम वर्ग को सीधा लाभ मिला है। देश की 140 करोड़ जनता तक इसका सकारात्मक असर पहुँचा है। यही कारण है कि भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
श्री साव ने कहा कि कोरोना काल ने आत्मनिर्भर भारत की वास्तविक शक्ति को उजागर किया। जब दुनिया के विकसित देशों की अर्थव्यवस्थाएँ लड़खड़ा रही थीं, तब भारत ने न केवल स्वयं वैक्सीन तैयार की, बल्कि 150 से अधिक देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराकर मानवता की सेवा की।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान केवल आर्थिक पहल नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने कहा —
“दीपावली का सही अर्थ तभी है जब हम अपने स्थानीय कारीगरों और उत्पादकों की बनाई वस्तुएँ खरीदें। अपने आसपास के लोगों के पसीने से बनी वस्तुओं से दीपावली मनाना ही सच्ची राष्ट्रसेवा है।”
उन्होंने आगे बताया कि आगामी दिनों में पूरे प्रदेश में आत्मनिर्भर भारत संकल्प रथ यात्राएं, प्रदर्शनियां और स्वदेशी उत्पाद मेले आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, उन्होंने मीडिया जगत से भी इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने की अपील की और कहा कि —
“हम मीडिया के साथियों को भी स्वदेशी संकल्प पत्र भेजेंगे ताकि यह संदेश हर घर तक पहुँचे।”
पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, जिला अध्यक्ष रायपुर शहर रमेश सिंह ठाकुर और जिला अध्यक्ष रायपुर ग्रामीण श्याम नारंग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान महात्मा गांधी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों से प्रेरित है और भारत की संस्कृति, परंपरा और आत्मा को सशक्त बनाने का एक जन आंदोलन बन चुका है।





