कोरबा के नन्हें कलाकारों ने देश राग फेस्टिवल में लहराया परचम — नंदिनी पटेल और प्रयत पांडे ‘जय पद्म’ सम्मान के लिए हुए चयनित






कोरबा।कोरबा जिले की प्रतिभाशाली नन्हीं प्रतिभाओं ने एक बार फिर अपनी कला से जिले और प्रदेश का मान बढ़ाया है। भिलाई में 3 से 12 अक्टूबर तक आयोजित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता तथा फेस्टिवल “देश राग” में कोरबा के बच्चों ने शानदार प्रदर्शन कर कई पुरस्कार अपने नाम किए। इसी कार्यक्रम के दौरान जिले के दो होनहार बच्चों — कुमारी नंदिनी पटेल और प्रयत पांडे को प्रतिष्ठित ‘जय पद्म सम्मान’ के लिए चयनित किया गया है, जो जिले के लिए गर्व का विषय है।
🎶 तबला वादन में मिला राष्ट्रीय गौरव
जूनियर कैटेगरी में मास्टर किशन पटेल ने तबला वादन में प्रथम स्थान प्राप्त कर कोरबा का नाम रोशन किया। वहीं, मास्टर अभिसार ठाकुर को एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया। सीनियर ग्रुप में मास्टर शौर्य चौहान ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया, जबकि प्रयत पांडे को आउटस्टैंडिंग एवं एक्सीलेंस अवार्ड के साथ-साथ ‘जय पद्मा उपाधि’ के लिए भी चुना गया। प्रयत के इस चयन से पूरे जिले में हर्ष का माहौल है।
💃 कथक नृत्य में नन्हीं बालिकाओं का शानदार प्रदर्शन
कथक नृत्य की विधा में भी कोरबा की बेटियों ने कमाल दिखाया।
सब जूनियर ग्रुप में कुमारी रिश्विका पांडे ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
सीनियर ग्रुप में कुमारी श्रेया ठाकुर ने भी प्रथम स्थान हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया।
कुमारी प्राजंलि गौतम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कुमारी नंदिनी पटेल ने प्रथम स्थान के साथ एक्सीलेंस अवार्ड भी जीता।
नंदिनी पटेल को भी 12 अक्टूबर को आयोजित होने वाले ‘श्री श्री जय पद्मा सम्मान’ समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इस प्रकार, कोरबा से अब तक दो प्रतिभाशाली बच्चों — नंदिनी पटेल और प्रयत पांडे — का इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चयन हुआ है।
🎼 संगीत गुरु डॉ. कुणाल दासगुप्ता और रंजीत नायक का योगदान सराहनीय
इन सभी प्रतिभाशाली बच्चों को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त तबला वादक एवं संगीत गुरु डॉ. कुणाल दासगुप्ता और रंजीत नायक से पिछले 7–8 वर्षों से नियमित प्रशिक्षण प्राप्त हो रहा है। डॉ. दासगुप्ता वर्तमान में कमला नेहरू कॉलेज, कोरबा में सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) के रूप में पदस्थ हैं। गुरुजनों के मार्गदर्शन और बच्चों की मेहनत ने कोरबा को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
👉 कोरबा के इन नन्हें कलाकारों की यह उपलब्धि जिले के सांस्कृतिक विकास और कला साधना के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। “देश राग” जैसे प्रतिष्ठित मंच पर इन बच्चों की सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा को मंच मिले तो वह हर ऊंचाई को छू सकती है।





