कोरबा में कलेक्टर अजीत वसंत की प्रभावशाली कार्यशैली से प्रशासन में आया अभूतपूर्व बदलाव — जनसेवा और विकास कार्यों से जिले की दिशा बदली






कोरबा। कोरबा जिले में कलेक्टर अजीत वसंत के पदभार ग्रहण करने के बाद से प्रशासनिक व्यवस्था में जबरदस्त सुधार और विकास कार्यों में नई गति देखने को मिली है। उनकी सशक्त नेतृत्व क्षमता, पारदर्शी कार्यशैली और जनहित के प्रति गहरी प्रतिबद्धता ने कोरबा को प्रदेश के प्रगतिशील जिलों की पंक्ति में खड़ा कर दिया है। जनता से सीधा संवाद, त्वरित निर्णय और प्रभावी क्रियान्वयन उनकी कार्यशैली की पहचान बन चुकी है।
🔸 स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक सुधार
कलेक्टर अजीत वसंत के नेतृत्व में कोरबा मेडिकल कॉलेज में अभूतपूर्व उन्नयन हुआ है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से आज ओपीडी में प्रतिदिन 1200 से अधिक मरीजों की जांच हो रही है। एमआरआई मशीन की सुविधा एसईसीएल के सीएसआर फंड से लाई जा रही है। साथ ही न्यूरो सर्जन और कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति के प्रयासों से गंभीर रोगियों को अब रायपुर-बिलासपुर जाने की आवश्यकता काफी कम हो गई है। 130 एकड़ क्षेत्रफल में बन रहा यह मेडिकल कॉलेज छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा मेडिकल कॉलेज बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
🔸 शिक्षा क्षेत्र में नई रोशनी
कोरबा जिले के दूरस्थ और शिक्षकविहीन स्कूलों में डीएमएफ मद से शिक्षकों की नियुक्ति ने शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर बदल दी है। स्कूल भवनों की मरम्मत और बेहतर सुविधाओं की उपलब्धता से अब ग्रामीण अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल रहा है। कलेक्टर की पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया से शिक्षकों में भी कार्य के प्रति नई ऊर्जा आई है।
🔸 युवाओं को मिला स्थानीय रोजगार का अवसर
डीएमएफ मद से मेडिकल कॉलेज, शासकीय स्कूलों और अन्य विभागों में हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं। इससे कोरबा जिले में स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन हुआ और युवाओं का पलायन कम हुआ है। युवाओं में अब अपने ही जिले में उज्जवल भविष्य की उम्मीद जागी है।
🔸 प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही
कलेक्टर अजीत वसंत की कार्यशैली ने प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता और अनुशासन को नई ऊंचाइयां दी हैं। जनदर्शन में जहां पहले लंबित शिकायतों का अंबार लगा रहता था, वहीं अब अधिकांश कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जा रहे हैं। अधिकारी और कर्मचारी अब जनता के कार्यों को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदारी के साथ काम कर रहे हैं। भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी रोक लगी है, जिससे शासन व्यवस्था में जनता का भरोसा और मज़बूत हुआ है।
🔸 मानवीय दृष्टिकोण के भी हैं मिसाल
कलेक्टर अजीत वसंत का मानवीय पहलू उस समय दिखा जब मध्यप्रदेश से आए मजदूरों को वन विभाग द्वारा मजदूरी का भुगतान न मिलने पर उन्होंने स्वयं हस्तक्षेप किया और तत्काल भुगतान करवाया। भूखे-प्यासे मजदूरों के लिए भोजन और नाश्ते की व्यवस्था भी करवाई गई, जिससे उनका संवेदनशील प्रशासनिक दृष्टिकोण सामने आया।
🔸 जनता से जुड़ाव बना उनकी सबसे बड़ी ताकत
मलगांव के सैकड़ों ग्रामीणों के अचानक कलेक्टर कार्यालय पहुंचने पर जब अफरातफरी की स्थिति बनी, तो कलेक्टर अजीत वसंत स्वयं नीचे आकर ग्रामीणों से मिले। धारा 144 के बावजूद उन्होंने शांतिपूर्वक सबकी बातें सुनीं और तत्काल संबंधित विभागों को कार्यवाही के निर्देश दिए। इस घटना ने जनता के बीच उनके सरल स्वभाव, साहसिक नेतृत्व और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता की गहरी छाप छोड़ी।
🔸 जनता का समर्थन बना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि
कोरबा की जनता का कहना है कि जब से अजीत वसंत ने कलेक्टर का पद संभाला है, जिले की दिशा और दशा दोनों में सकारात्मक बदलाव आए हैं। विकास कार्यों की रफ्तार तेज हुई है, प्रशासन में पारदर्शिता आई है और आम जनता को न्याय व सुविधा सरलता से मिल रही है। जनता चाहती है कि कोरबा में इस प्रगतिशील प्रशासनिक दौर को राजनीति के कारणों से बाधित न किया जाए।
👉 संपादकीय टिप्पणी
कलेक्टर अजीत वसंत ने कोरबा जिले में जिस प्रभावशाली, संवेदनशील और परिणाममुखी प्रशासनिक कार्यशैली को स्थापित किया है, वह पूरे प्रदेश के लिए एक उदाहरण बन गई है। जनता का यह व्यापक समर्थन यह दर्शाता है कि कोरबा अब प्रशासनिक कुशलता और विकास की नई पहचान बन चुका है।





