जीएसटी सुधार से नई अर्थव्यवस्था का निर्माण, व्यापार और उद्योग को मिलेगी नई उड़ान : भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **/ कोरबा। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए “नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी सुधार” को लेकर कोरबा जिले में उत्साह का माहौल है। शुक्रवार को घंटाघर, निहारीका, दर्री सहित विभिन्न क्षेत्रों में भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के नेतृत्व में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने व्यापारी वर्ग, उद्योगपतियों, व्यवसायिक समुदाय और आम नागरिकों के साथ संवाद स्थापित कर इन सुधारों की जानकारी साझा की।
भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी बोले – जीएसटी केवल कर सुधार नहीं, अर्थव्यवस्था को सशक्त करने का संकल्प


इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने कहा –
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आम नागरिक और व्यापारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। जीएसटी सुधार केवल कर प्रणाली में बदलाव नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का संकल्प है। इस सुधार से कराधान प्रक्रिया पारदर्शी होगी, व्यापार को सरलता मिलेगी और उद्योग जगत को नई दिशा। भाजपा का लक्ष्य केवल कर संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापार को नई ऊंचाइयों तक ले जाकर आर्थिक विकास को गति देना है।”
उन्होंने व्यापारियों और नागरिकों से अपील की कि वे इन सुधारों का अधिकतम लाभ उठाएँ, डिजिटल प्रक्रियाओं को अपनाएँ और शासन की जनहितकारी नीतियों को उपभोक्ताओं तक पहुंचाएँ।
कार्यक्रम में पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी
संवाद कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह, एमआईसी सदस्य हितानंद अग्रवाल, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, जिला महामंत्री अजय विश्वकर्मा, जिला उपाध्यक्ष मंजू सिंह, जिला कोषाध्यक्ष अजय पांडेय, मंडल अध्यक्ष डॉ. राजेश राठौर, ज्योति वर्मा, जिला सह मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र यादव, नीरज ठाकुर, संजीव शर्मा, पुष्पकला साहू, प्रकाश अग्रवाल, भरत सोनी सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इन सभी ने व्यापारियों को जीएसटी सुधार से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।
व्यापारियों और जनता में दिखा उत्साह
संवाद कार्यक्रम के बाद व्यापारियों और आम नागरिकों में उत्साह देखा गया। कई व्यापारियों ने कहा कि नए सुधारों से कार्यशैली आसान हुई है, व्यापार का विस्तार हो रहा है और उपभोक्ताओं का रुझान बाजार की ओर बढ़ा है।
यह संवाद कार्यक्रम न केवल जीएसटी सुधार की उपयोगिता को समझाने का माध्यम बना बल्कि व्यापार और उद्योग जगत को नई दिशा देने की दिशा में ऐतिहासिक पहल साबित हुआ।


