ग्राम अमहवा में पुल की कमी से छात्राओं को 15 किमी घुमकर स्कूल जाना पड़ता है


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा। ग्राम पंचायत अमहवा की छात्राओं के लिए स्कूल जाना अब सच्ची चुनौती बन चुका है। जिला मुख्यालय से 100 किमी दूर, पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक के पचरा पंचायत के यह गांव बारिश के मौसम में तान नदी और कोटरी नाला से घिर जाता है। पुल न होने के कारण नाले और नदी में बाढ़ आने पर छात्र-छात्राएं सीधे अपने विद्यालय नहीं जा पाते।
गांव की लगभग 350 की आबादी में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए नाले पार कर सीधे पंचायत तक जाने की दूरी केवल 5 किमी है। लेकिन बाढ़ या तेज बारिश के दौरान उन्हें जटगा मार्ग से कटोरी, नगोई और केशलपुर होते हुए तेंदूभाठा तक जाने के लिए लगभग 15 किमी की लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
ग्राम में केवल प्राइमरी स्कूल है। आगे की पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राएं पंचायत पचरा और जटगा का रुख करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के समय एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती, और बीमार होने पर मरीजों को खाट पर डालकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है।
इस समस्या को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह ने कहा –
“ग्रामीणों की सुविधा और बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए पुल निर्माण का प्रस्ताव शासन के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।”
ग्रामीण अब प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि बच्चों को लंबी दूरी और खतरनाक नाला पार करने की मजबूरी से राहत मिल सके।

