February 13, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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कोरबा नगर निगम में ठेकेदारों का 400 लाख से अधिक भुगतान अटका, 14 महीनों से सरकारी राशि होने के बावजूद नहीं हो रहा भुगतान

 

 

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** कोरबा, 12 फरवरी 2026। नगर निगम कोरबा में ठेकेदारों के भुगतान को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। नगर निगम कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन जिला-कोरबा द्वारा आयुक्त नगर निगम कोरबा को पत्र लिखकर वित्तीय वर्ष 2024–25 की लंबित पार्षद निधि राशि के भुगतान को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष असलम खान द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया है कि राज्य सरकार से पार्षद निधि की 50 प्रतिशत राशि नगर निगम को पहले ही प्राप्त हो चुकी है, इसके बावजूद दर्जनों ठेकेदारों का भुगतान अब तक नहीं किया गया है।
पत्र के अनुसार राज्य सरकार ने 9 दिसंबर 2024 को नगर निगम कोरबा को पार्षद निधि की कुल 201 लाख रुपये की राशि प्रदान की थी। इस राशि में से केवल 32 ठेकेदारों को भुगतान किया गया, जबकि शेष 37 ठेकेदारों का भुगतान आज दिनांक तक लंबित है। इतना ही नहीं, शेष 50 प्रतिशत यानी लगभग 201 लाख रुपये की दूसरी किश्त भी नगर निगम को अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। कुल मिलाकर 400 लाख रुपये से अधिक की राशि को लेकर ठेकेदारों में भारी नाराजगी और असंतोष व्याप्त है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि लगभग 30 दिन पूर्व ठेकेदारों द्वारा नगर निगम अधिकारियों से मुलाकात कर भुगतान को लेकर आग्रह किया गया था। इसके बाद उपयोगिता प्रमाण पत्र बनाकर 21 जनवरी 2026 को नगर प्रशासन को भेजा गया, लेकिन इसके बावजूद आज दिनांक तक नगर निगम को कोई राशि प्राप्त नहीं हुई और न ही ठेकेदारों को भुगतान किया गया। सवाल यह उठ रहा है कि जब राशि राज्य सरकार द्वारा समय पर भेजी गई थी, तो फिर भुगतान प्रक्रिया में इतनी भारी देरी क्यों हो रही है?
एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि कई फाइलें चेक सेक्शन में भुगतान के लिए लंबित पड़ी हुई हैं, लेकिन उन्हें आगे बढ़ाने में जानबूझकर टालमटोल किया जा रहा है। ठेकेदारों का कहना है कि वे नगर निगम के लिए निर्माण कार्य और विकास कार्य कर चुके हैं, मजदूरों, सामग्री आपूर्तिकर्ताओं और अन्य खर्चों का भुगतान उन्हें अपनी जेब से करना पड़ रहा है। लगातार भुगतान अटकने से ठेकेदार आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं।
पत्र में नगर निगम के लेखा विभाग और निर्माण शाखा के अधिकारियों के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई गई है। एसोसिएशन का आरोप है कि बार-बार अवगत कराने के बावजूद अधिकारियों का रवैया असामान्य और उदासीन बना हुआ है। सरकारी राशि होते हुए भी भुगतान न होना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है।
नगर निगम कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन ने आयुक्त से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए सभी लंबित भुगतानों को शीघ्र जारी कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो ठेकेदार संघ आंदोलनात्मक कदम उठाने को मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
यह मामला न केवल ठेकेदारों की आर्थिक बदहाली को उजागर करता है, बल्कि नगर निगम में भुगतान व्यवस्था की सुस्त कार्यप्रणाली पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। विकास कार्य कराने वाले ठेकेदारों को समय पर भुगतान नहीं मिलेगा तो शहर के निर्माण और विकास कार्यों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा।

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