February 13, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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बालको नगर में श्रीराम कथा का भव्य समापन, सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर में उमड़ा श्रद्धा और सेवा का सैलाब

 

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** बालकोनगर। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, बालको नगर में आयोजित श्रीराम कथा के पावन आयोजन का समापन भक्ति, श्रद्धा और सेवा भावना के साथ विशाल भोग भंडारे के माध्यम से किया गया। मंदिर समिति द्वारा आयोजित इस भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। पूरे परिसर में “जय श्रीराम” के उद्घोष और भक्तिमय वातावरण ने आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर दिया।
समापन अवसर पर भोग-भंडारे में प्रसाद वितरण हेतु पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं एमआईसी सदस्य श्री हितानंद अग्रवाल, सुमित तिवारी, राकेश सोनी, माहेश्वरी गोस्वामी एवं रेणु प्रसाद विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने श्रद्धालुओं को अपने हाथों से प्रसाद वितरित कर सेवा कार्य में सहभागिता निभाई। इस अवसर पर व्यास पीठ से कथा प्रवचन करने वाले पंडित श्री संजय दुबे जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा और बढ़ा दी। श्रद्धालुओं ने उनके चरणों में नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

 

 

मंदिर के पुजारी श्री दीपक पांडे जी के मार्गदर्शन में विधिवत पूजन-अर्चन के पश्चात भोग अर्पित किया गया। इसके बाद मंदिर समिति के सदस्यों, सेवाभावी युवाओं एवं स्वयंसेवकों ने अनुशासित ढंग से भंडारे की व्यवस्था संभाली। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
श्रीराम कथा के समापन अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने कथा के दौरान प्राप्त आध्यात्मिक संदेशों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कथा के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श, सेवा, त्याग और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिली। भक्तों ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सद्भाव, संस्कार और सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार होता है।
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि श्रीराम कथा एवं भोग भंडारे का आयोजन समाज में धार्मिक चेतना को जागृत करने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, अतिथियों एवं स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया। भव्य समापन के साथ यह आयोजन बालको नगर में भक्ति, सेवा और समरसता का एक सुंदर उदाहरण बनकर यादगार हो गया।

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