व्यापारी जुटान में ऐतिहासिक फैसला: देशभर में निकलेगी स्वदेशी संकल्प यात्रा, विदेशी कंपनियों के बहिष्कार का संकल्प


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ नई दिल्ली/कोरबा। स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय बैठक “व्यापारी जुटान” देशभर के व्यापारियों की एकता और स्वदेशी आंदोलन के विस्तार का सशक्त परिचायक बनी। इस बैठक में देशभर के 46 से अधिक प्रमुख व्यापारी संगठनों के 500 से अधिक पदाधिकारी शामिल हुए और सर्वसम्मति से “स्वदेशी संकल्प यात्रा” निकालने का निर्णय लिया गया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य देश में बढ़ते ऑनलाइन व्यापार और विदेशी कंपनियों के एकाधिकार से भारतीय व्यापारियों को बचाना, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना, उपभोक्ताओं को भारतीय वस्तुएं अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का संकल्प लेना रहा।

कोरबा के व्यवसायी अशोक मोदी का महत्वपूर्ण सुझाव
कोरबा के प्रसिद्ध व्यवसायी, धार्मिक, सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ता, व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान, नई दिल्ली के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं भारतीय उद्योग व्यापार मंडल छत्तीसगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष अशोक मोदी ने बैठक को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आज देशभर के व्यापारियों ने एक स्वर में स्वदेशी का संकल्प लिया है। उन्होंने सुझाव दिया कि केंद्र से लेकर गाँव-गाँव तक जागरूकता फैलाने के लिए “स्वदेशी संकल्प यात्रा” निकाली जाए, जिसे सभी ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि “भारत में ही उत्पादन बढ़ाना होगा, निर्यात को प्रोत्साहित करना होगा और विदेशी वस्तुओं के आयात का बहिष्कार करना होगा।”

रा। ष्ट् नेतृत्व
बैठक में व्यापारी कल्याण बोर्ड, भारत सरकार के अध्यक्ष सुनील सिंघी, सांसद प्रवीण खंडेलवाल, स्वदेशी जागरण मंच दिल्ली प्रमुख सतीश जी, कश्मीरी लाल जी, व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक गोयल, केट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बालकिशन भरतिया, एम.एस.एम.ई. के राष्ट्रीय संस्थापक रजनीश गोयनका, रेहड़ी-पटरी के राष्ट्रीय सचिव धर्मेंद्र जी, तथा तमिलनाडु से आए सुंदेश्वर जी सहित अनेक राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति से बैठक को ऐतिहासिक बना दिया।
विदेशी कंपनियों के खिलाफ बड़ा ऐलान
बैठक में ऑनलाइन कंपनियों के बढ़ते एकाधिकार और विदेशी कंपनियों द्वारा भारतीय बाजार पर कब्जा जमाने की साजिश पर गंभीर चर्चा हुई। वक्ताओं ने चेताया कि यदि समय रहते उपभोक्ताओं और व्यापारियों को जागरूक नहीं किया गया तो भारतीय उद्योगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ईस्ट इंडिया कंपनी के इतिहास का हवाला देते हुए कहा गया कि “जैसे 1751 में व्यापार करते-करते भारत गुलाम बना, वैसे ही आज भी विदेशी कंपनियों से सतर्क रहना जरूरी है।”
सभी व्यापारी संगठनों ने एक स्वर में घोषणा की कि वे “स्वदेशी अपनाओ – विदेशी सामानों का बहिष्कार करो” अभियान चलाएँगे। विशेष रूप से अमेरिका की कंपनियों वॉलमार्ट, अमेज़न, एप्पल, मैकडोनाल्ड्स, पेप्सी, कोका-कोला, जेसीबी और केएफसी जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बहिष्कार का निर्णय लिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान को समर्थन
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि अमेरिका द्वारा भारत पर अनुचित व्यापारिक टैरिफ लगाकर दबाव बनाने की कोशिश का जवाब केवल स्वदेशी को मजबूत बनाकर ही दिया जा सकता है। इस संदर्भ में सभी व्यापारी संगठनों ने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का स्वागत करते हुए उन्हें पूर्ण सहयोग देने की घोषणा की।
स्वदेशी संकल्प यात्रा का देशव्यापी विस्तार
कार्यक्रम के अंत में सभी व्यापारियों ने यह संकल्प लिया कि आगामी समय में “व्यापारी जुटान” की तर्ज पर “स्वदेशी संकल्प यात्रा” कार्यक्रम देशभर में आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य व्यापारी वर्ग को और अधिक संगठित करना और स्वदेशी आंदोलन को जन-जन तक पहुँचाना होगा।

