February 14, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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कोरबा में तीज पर्व का उल्लास आज, महिलाओं की मेहंदी-सोलह श्रृंगार और शिव-पार्वती पूजन से गूंजेंगे मंदिर और आंगन

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा। हरतालिका तीज पर्व का उल्लास आज पूरे जिले में छा जाएगा। तीज की तैयारियों से शहर, कस्बों और गांवों में उत्साह का अनोखा माहौल है। खासकर महिलाओं में इस पर्व को लेकर गहरी आस्था और उमंग देखी जा रही है। सुबह से ही महिलाएँ सोलह श्रृंगार कर निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना करेंगी और परिवार की सुख-समृद्धि तथा मंगलकामना के लिए विशेष आराधना करेंगी।

कोरबा शहर के गणेश मंदिर, हनुमान मंदिर, जैन मंदिर, बालको स्थित शिवालयों, दर्री के शिव मंदिर सहित प्रमुख स्थलों पर तीज व्रत की कथा और पूजा-अर्चना का आयोजन होगा। वहीं रामपुर, कुसमुंडा, पाली, कटघोरा और चैतमा क्षेत्र के शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी।

🌿 महिलाओं की परंपरा और श्रृंगार
तीज के दिन महिलाएँ प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करती हैं और लाल-हरी साड़ियाँ, चूड़ियाँ, बिंदी, बिछिया, पायल, कंगन सहित सोलह श्रृंगार से खुद को सजाती हैं। हाथों में मेहंदी रचाकर वे पर्व की पवित्रता और सौभाग्य का प्रतीक दर्शाती हैं। इसके बाद महिलाएँ भगवान शिव-पार्वती की प्रतिमा या शिवलिंग के समक्ष बैठकर मिट्टी की वेदी सजाती हैं।

🌸 पूजा-विधि और कथा
पूजन में महिलाएँ बेलपत्र, धतूरा, फूल, फल और विशेष रूप से सुहाग की सामग्रियाँ चढ़ाती हैं। वे हरतालिका तीज की कथा सुनती और सुनाती हैं, जिसमें माता पार्वती के तप और शिव से विवाह की कथा का वर्णन होता है। दिनभर निर्जला व्रत के बाद महिलाएँ रात को चंद्रदर्शन कर जल अर्पित करती हैं और शिव-पार्वती की आराधना कर व्रत का समापन करती हैं।

🪔 आंगन और सजावट का आकर्षण
कोरबा के घर-घर और आंगनों में महिलाएँ सुंदर अलंकृत चौक-चरण, रंगोली और दीप सजावट करती हैं। साथ ही गीत-संगीत और मंगलगीतों की गूंज माहौल को और अधिक भक्तिमय और आनंदमय बना देती है। तीज की रात में महिलाओं के समूह भजन-कीर्तन करते हुए शिव-पार्वती का गुणगान करते हैं।

🎉 सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजन
कोरबा की तीज हर वर्ष विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है क्योंकि यहाँ महिला मंडलों और सामाजिक संगठनों द्वारा सामूहिक पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस बार भी शहर के कई इलाकों में विशेष मंच सजाए गए हैं, जहां परंपरागत नृत्य, भजन और कथा वाचन का आयोजन होगा।

आज का दिन कोरबा जिले के लिए पूरी तरह तीजमय रहेगा—जहां मंदिरों में भक्ति रस होगा, बाजारों में मेहंदी और श्रृंगार की रौनक, और आंगनों में गीतों की गूंज के बीच नारी आस्था, सजावट और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

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