छत्तीसगढ़ की फुटबॉल प्रतिभाओं ने दिखाया दम, एनटीपीसी कोरबा की मेज़बानी में डीएफए रायपुर बना चैम्पियन



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा। एनटीपीसी कोरबा के तत्वावधान में आयोजित सब-जूनियर अंतर-जिला राज्य फुटबॉल चैम्पियनशिप का समापन शानदार उत्साह और खेल भावना के साथ हुआ। इस प्रतियोगिता में डीएफए रायपुर की टीम ने डीएफए नारायणपुर को हराकर विजेता का ताज अपने नाम किया।

फाइनल मैच में रायपुर और नारायणपुर की टीमों के बीच हुआ मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें खिलाड़ियों के कौशल, अनुशासन और समर्पण ने दर्शकों का दिल जीत लिया। चार जिलों – रायपुर, नारायणपुर, दुर्ग और बस्तर – की टीमों के बीच हुए इस प्रतियोगिता में ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

एनटीपीसी कोरबा द्वारा आयोजित इस चैम्पियनशिप का उद्देश्य न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच देना था, बल्कि उन्हें प्रोत्साहन और प्रशिक्षण के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार करना भी था। इसी भावना के तहत दोनों टीमों के खिलाड़ियों को सीएसआर टीम द्वारा उपहार देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में मौजूद रहीं:
सुश्री प्रेमलता, सीएचआरओ, एनएसपीसीएल एवं आरएचओएचआर डब्ल्यूआर-II

श्री एस.एन. पाणिग्रही, सीजीएम (एचआर), एसआर
श्री राजीव खन्ना, कार्यकारी निदेशक, एनटीपीसी कोरबा
इसके अतिरिक्त एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारी, स्पोर्ट्स काउंसिल एवं छत्तीसगढ़ फुटबॉल संघ (सीएफए) के सदस्य, सीएसआर और एचआर ऑडिट टीम भी आयोजन में शामिल रहे।

यह टूर्नामेंट 1 अगस्त 2025 से एनटीपीसी कोरबा ग्राउंड में आयोजित किया गया था, जो कि एनटीपीसी कोरबा की सीएसआर योजना FY 2025–26 के अंतर्गत चल रही ‘महिला एवं पुरुष फुटबॉल कोचिंग कैंप’ पहल का हिस्सा है। इस योजना के अंतर्गत तीन प्रमुख चरण शामिल हैं:
1️⃣ 7-दिवसीय अंतर-जिला टूर्नामेंट – जिलों से सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का चयन
2️⃣ 21-दिवसीय कोचिंग कैंप – चयनित 30 खिलाड़ियों को गहन प्रशिक्षण
3️⃣ अंतिम चयन – राज्य टीम हेतु 15–18 खिलाड़ियों का चयन
डीएफए रायपुर की यह जीत न केवल खेल के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों को दर्शाती है, बल्कि यह भी प्रमाणित करती है कि यदि अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो ग्रामीण युवा भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता अर्जित कर सकते हैं।
एनटीपीसी कोरबा की यह पहल खेल, अवसर और समावेशन के माध्यम से समाज के समग्र विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।


