भारी जुर्माने के बाद भी नहीं सुधरे बुधवारी बाजार के हालात, गंदगी और दुर्गंध से त्रस्त कोरबा शहरवासी



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा****। शहर के बीचों-बीच स्थित बुधवारी बाजार की गंदगी अब कोरबा नगर निगम की कार्यवाही और चेतावनी पर भी भारी पड़ती नजर आ रही है। नगर निगम के आयुक्त आशुतोष पांडेय ने कुछ दिन पहले ही बाजार का निरीक्षण कर वहां फैली अव्यवस्था पर सख्त कदम उठाते हुए कई कारोबारियों पर भारी अर्थदंड लगाए थे और भविष्य में सुधार लाने की चेतावनी भी दी थी। लेकिन इन कार्रवाइयों का कोई असर नहीं हुआ।


आज भी बुधवारी बाजार की हालत बद से बदतर है। सब्जी मार्केट के चारों ओर कीचड़, पानी से भरे गड्ढे, सड़ी-गली सब्जियों का ढेर और दुर्गंध लोगों को परेशान कर रही है। बाजार में कदम रखते ही नाक और मुंह ढकने को मजबूर होना पड़ता है। कई जगहों पर खुले में पड़ी सब्जियां मवेशियों का भोजन बन जाती हैं और उनके इधर-उधर घूमने से और गंदगी फैल जाती है। बारिश होते ही बाजार तालाब में बदल जाता है और धूप निकलते ही यहां से उठने वाली बदबू सांस लेना दूभर कर देती है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि शहर के बीचों-बीच स्थित इस बड़े बाजार को नगर निगम क्यों नहीं सुधार पा रहा है? अधिकारी बार-बार निरीक्षण करने और जुर्माने की कार्रवाई करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान क्यों नहीं ढूंढ पा रहे हैं? शहरवासी पूछ रहे हैं कि जब हर बार यही हाल होना है तो निरीक्षण और चेतावनी का आखिर फायदा क्या?
स्थानीय नागरिकों का कहना है –
“बुधवारी बाजार में घुसना किसी सजा से कम नहीं है। इतनी गंदगी है कि मन घृणा से भर जाता है। निगम के अधिकारियों के सामने यह सब हो रहा है, लेकिन कोई सुधार नजर नहीं आता। अगर यही हाल रहा तो जल्द ही यह बाजार बीमारियों का अड्डा बन जाएगा।”
कोरबा के नागरिकों ने मांग की है कि नगर निगम अब सिर्फ अर्थदंड लगाने या कागजी कार्रवाई से आगे बढ़कर ठोस और स्थायी सफाई व्यवस्था लागू करे। अन्यथा इस बाजार में आने वाले हजारों लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जाएगी और शहर की छवि पर भी दाग लगता रहेगा।


