बैंक ऋण का चेक बाउंस – मो. परवेज को 2 माह की सश्रम कारावास और 2.50 लाख रुपये प्रतिकर देने का आदेश



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, पुराना बस स्टैण्ड शाखा कोरबा से लिए गए ऋण की अदायगी के लिए दिया गया चेक बाउंस हो जाने के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
मामले के अनुसार, अभियुक्त मो. परवेज पिता अब्दुल करीम, निवासी पुरानी बस्ती, रानी रोड कोरबा ने 2 अगस्त 2019 को बैंक से 2,00,000/- (दो लाख रुपये) का ऋण लिया था। ऋण चुकाने के लिए अभियुक्त ने बैंक को 2,04,860/- रुपये का चेक प्रदान किया, लेकिन बैंक में जमा करने पर खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक अनादरित (बाउंस) हो गया।
बैंक द्वारा विधिक नोटिस देने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई। इस पर परिवादी बैंक की ओर से अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह के माध्यम से माननीय न्यायालय में वसूली हेतु परिवाद दायर किया गया।
सभी तथ्यों और सबूतों पर विचार करते हुए कु. कुमुदिनी गर्ग के न्यायालय ने अभियुक्त मो. परवेज को दोषी पाते हुए 2 माह की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 2,50,000/- (दो लाख पचास हजार रुपये) प्रतिकर के रूप में बैंक को अदा करने का आदेश दिया। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रतिकर राशि समय पर अदा न करने पर अभियुक्त को 1 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
इस मामले की पैरवी छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, पुराना बस स्टैण्ड शाखा कोरबा की ओर से अधिवक्ता श्री धनेश कुमार सिंह ने की।


