✅ सड़क सुरक्षा पर सख्त रूख: कलेक्टर ने दिए ब्लैक स्पॉट दुरुस्त करने और यातायात सुधार के निर्देश



✅ कोरबा में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक, कलेक्टर ने दिए गड्ढों की मरम्मत और ब्लैक स्पॉट सुधार के आदेश
✅ यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए कलेक्टर ने कसी नकेल, सभी विभागों को दिए सख्त निर्देश
सड़क सुरक्षा पर सख्त रूख: कलेक्टर ने दिए ब्लैक स्पॉट दुरुस्त करने और यातायात सुधार के निर्देश
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा, 05 जुलाई 2025। जिले में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित व सुगम बनाने के लिए कलेक्टर श्री अजीत वसंत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात की सुगमता और सड़कों के रखरखाव से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कलेक्टर श्री वसंत ने सभी संबंधित विभागों को सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर तुरंत सुधार कार्य कराए जाएं ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके। साथ ही बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए सड़कों के गड्ढों को भरने, आवश्यक मरम्मत करने और संकेतक लगाने के कार्य को प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, सहायक कलेक्टर श्री क्षितिज गुरभेले, नगर निगम आयुक्त श्री आशुतोष पांडेय, परिवहन अधिकारी श्री विवेक सिन्हा सहित यातायात, पीडब्ल्यूडी, नेशनल हाईवे, एनएचएआई, बाल्को, एसईसीएल एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने तेज रफ्तार वाहनों पर निगरानी, ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण और रात्रि में सड़कों पर आवश्यक प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्पीड ब्रेकर, स्पीड लिमिट बोर्ड और चेतावनी संकेतकों को सही स्थानों पर स्थापित किया जाए।
इसके अलावा उन्होंने निर्देशित किया कि सड़कों के किनारे की झाड़ियों की छंटाई कराई जाए और मरम्मत योग्य हिस्सों को तुरंत दुरुस्त किया जाए। सार्वजनिक उपक्रमों को भी उनके क्षेत्राधिकार में आने वाली सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए ताकि बारिश के दौरान यातायात में कोई बाधा न आए।
श्री वसंत ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उनका ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने के आदेश दिए। साथ ही उन्होंने सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए समय-समय पर शिविर, रैली और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया।



