साहित्य जगत के सितारे डॉ. सुरेंद्र दुबे नहीं रहे, प्रदेश नेतृत्व ने निवास पहुंचकर दी श्रद्धांजलि




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ रायपुर। छत्तीसगढ़ के गौरव, प्रसिद्ध हास्य कवि और पद्मश्री सम्मानित डॉ. सुरेंद्र दुबे के निधन से प्रदेश सहित संपूर्ण साहित्य जगत शोकाकुल है। उनके निधन को साहित्य, संस्कृति और सामाजिक चेतना की अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। डॉ. दुबे न केवल हास्य-व्यंग्य कविता के क्षेत्र में देशभर में चर्चित रहे, बल्कि उन्होंने छत्तीसगढ़ी साहित्य को भी राष्ट्रीय पटल पर गौरव दिलाया।
उनके देवलोकगमन की सूचना मिलते ही साहित्य प्रेमियों से लेकर सामाजिक, राजनीतिक व सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। छत्तीसगढ़ ने एक ऐसा रत्न खो दिया है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
माननीय भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री किरण सिंह देव, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री अजय जम्वाल एवं प्रदेश संगठन महामंत्री श्री पवन साय ने डॉ. दुबे के निवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धापूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके पार्थिव शरीर को नमन किया। उन्होंने परिजनों से मिलकर गहन शोक संवेदना व्यक्त की और कहा कि डॉ. दुबे का व्यक्तित्व और कृतित्व सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
प्रदेश अध्यक्ष श्री किरण सिंह देव ने कहा कि “डॉ. सुरेंद्र दुबे ने हास्य-व्यंग्य कविता को जनमानस की जुबान पर लाकर जो स्थान दिलाया, वह विलक्षण था। वे छत्तीसगढ़ की अस्मिता के प्रतीक थे।” वहीं श्री अजय जम्वाल ने उन्हें सांस्कृतिक चेतना का प्रहरी बताते हुए कहा कि उनकी कविताएं आम जनता के जीवन से जुड़ी रही और उन्होंने व्यंग्य को सामाजिक संवाद का माध्यम बनाया। श्री पवन साय ने कहा कि “उनकी स्मृतियाँ, साहित्यिक धरोहर और योगदान जनमानस के हृदय में सदैव जीवित रहेंगे।”
डॉ. सुरेंद्र दुबे की रचनाएं आज भी न केवल मंचों पर गूंजती हैं, बल्कि पाठकों के दिल में हास्य और व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक संदेश छोड़ जाती हैं। वे देशभर में अनेक कवि सम्मेलनों में छत्तीसगढ़ की पहचान बनकर उपस्थित रहे।


