“अधूरा ओवरब्रिज बना जनता के लिए मौत का जाल, बरसात से पहले निर्माण पूरा नहीं हुआ तो फूटेगा जनाक्रोश”



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***//**// ईमलीछापर-कुसमुंडा ओवरब्रिज की बदहाली पर मनीष मिश्रा ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, स्कूली बच्चों से लेकर मजदूरों तक हर दिन झेल रहे खतरा और परेशानी
कोरबा। ईमलीछापर-कुसमुंडा मार्ग पर वर्षों से अधूरा पड़ा ओवरब्रिज अब लोगों की सुविधा नहीं बल्कि भय, दुर्घटना और प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक बन चुका है। क्षेत्र की जनता लगातार धूल, जाम, दुर्घटना और बदहाल सड़क की मार झेल रही है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की नींद अब तक नहीं टूटी है। बरसात सिर पर खड़ी है और लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह महत्वपूर्ण ओवरब्रिज अधूरा छोड़ क्यों दिया गया?
इसी गंभीर जनसमस्या को लेकर सर्वमंगला मंडल अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल निर्माण कार्य शुरू कर बरसात से पहले ओवरब्रिज को पूर्ण कराने की मांग की है। ज्ञापन में साफ कहा गया है कि यदि समय रहते कार्य पूरा नहीं हुआ तो बारिश के दिनों में स्थिति भयावह हो जाएगी और आम लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित होगा।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि अधूरे निर्माण कार्य के कारण रोजाना स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बच्चे जान जोखिम में डालकर धूल और भारी वाहनों के बीच स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं। वहीं मजदूर, कर्मचारी, व्यापारी और आम राहगीर भी घंटों जाम और खराब रास्तों से जूझ रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत सुबह और शाम के समय होती है, जब सड़क पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर जबरदस्त नाराजगी है कि करोड़ों रुपये की लागत वाला यह ओवरब्रिज आखिर किस कारण अधूरा पड़ा है। लोगों का आरोप है कि बजट स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग की लापरवाही के कारण काम ठप पड़ा हुआ है। अधूरा पुल अब दुर्घटनाओं को खुला निमंत्रण देता दिखाई दे रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बरसात शुरू होने के बाद सड़क पर कीचड़, जलभराव और फिसलन की समस्या और बढ़ जाएगी, जिससे स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का निकलना मुश्किल हो जाएगा। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से सवाल किया है कि आखिर जनता कब तक अधूरे विकास कार्यों की सजा भुगतती रहेगी?
मनीष मिश्रा ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा युद्ध स्तर पर काम शुरू कर बरसात से पहले ओवरब्रिज को पूर्ण कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।


