कोसाबाड़ी मंडल में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत विशाल पौधारोपण कार्यक्रम, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प




कोरबा, 24 जून 2025।
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने वाले अभियान “एक पेड़ मां के नाम” के तहत मंगलवार को भाजपा कोरबा द्वारा कोसाबाड़ी मंडल के मिनीमाता गर्ल्स कॉलेज, घंटाघर परिसर में भव्य पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों व आम नागरिकों ने भाग लेकर प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता का परिचय दिया।

मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक श्री शिवरतन शर्मा, नगर निगम महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत एवं भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गोपाल मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में पौधारोपण किया गया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि यह अभियान केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं है, बल्कि हमारी मातृभूमि, प्रकृति और भावनात्मक संस्कारों को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान व्यक्तिगत भावना को सामाजिक दायित्व में बदलने वाली प्रेरणास्पद सोच है, जिससे जुड़कर हम आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और स्वच्छ वातावरण की नींव रख सकते हैं। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की।
इस आयोजन में विशेष रूप से पूर्व महापौर श्री जोगेश लांबा, वरिष्ठ नेता ज्योति नंद दुबे, पार्षद हितानंद अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष योगेश मिश्रा, डॉ. राजेश राठौर, दिनेश वैष्णो, पंकज देवांगन, पप्पू जैन, शिव जसवाल, प्रकाश अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, राकेश वर्मा, सुभाष राठौर, अनिल वस्त्रकार, मिलन राम बरेट, भारत सोनी, मुन्ना साहू, राहुल शुक्ला, अर्जुन गुप्ता, जय लहर, जुगल पालीवाल, वैशाली रत्न परखी, श्रीमती पुष्पकला साहू, प्रीति चौहान, चंचल राठौर सहित कई गणमान्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिला मंत्री श्री संदीप सहगल द्वारा किया गया, वहीं सह-संयोजक की भूमिका श्री नरेंद्र वाकड़े ने निभाई। कार्यक्रम को सफल बनाने में मंडल, शक्तिकेंद्र व बूथ स्तर के पदाधिकारियों, पार्षदों, कार्यकर्ताओं और भाजपा सह मीडिया प्रभारी पवन सिन्हा
भाजपा कोरबा के इस समर्पित प्रयास ने न केवल हरित छत्तीसगढ़ के संकल्प को बल दिया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि जब समाज और संगठन एकजुट हों, तो प्रकृति की सेवा भी एक उत्सव बन सकती है।


