“कांग्रेस में सिर-फुटौव्वल, कार्यकर्ताओं को दुश्मन समझते हैं भूपेश बघेल” : भाजपा




भाजपा प्रदेश महामंत्री भरतलाल वर्मा ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह को बताया सत्ता लोभ का परिणाम
रायपुर, 25 जून 2025।
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा रायपुर ****/ छत्तीसगढ़ कांग्रेस में सामने आई आपसी खींचतान और खुलेआम चल रही तकरार पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री भरतलाल वर्मा ने कहा कि कांग्रेस के नेता केवल सत्ता के लोभी हैं, और प्रदेश में लगातार हो रही पार्टी की दुर्गति से कोई सबक लेने के बजाय वे आपसी सिर-फुटौव्वल में व्यस्त हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सबसे बड़े दुश्मन बन चुके हैं।
श्री वर्मा ने यह बयान कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट की छत्तीसगढ़ यात्रा के दौरान सामने आई कांग्रेस नेताओं की आपसी कलह को लेकर दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत को लेकर की गई शिकायतें इस बात का प्रमाण हैं कि आज भी बघेल अपने अहंकार से बाहर नहीं आ पाए हैं।
“बघेल अब भी खुद को सर्वोपरि मानते हैं। उन्होंने बैज और महंत को निष्क्रिय कहकर न सिर्फ नेतृत्व का अपमान किया बल्कि यह भी दर्शाया कि पार्टी में उन्हें सिवाय खुद के किसी पर भरोसा नहीं।” – भरतलाल वर्मा
वर्मा ने आगे कहा कि बघेल को यह शिकायत है कि जो कार्यकर्ता उनके विरुद्ध बोले, उन पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई, जबकि वे स्वयं उन कार्यकर्ताओं को ‘स्लीपर सेल’ जैसे गंभीर शब्दों से संबोधित कर चुके हैं। भाजपा नेता ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब एक कांग्रेस नेता पर संगठन के पैसे के गबन का आरोप है, तब भी कोई कार्रवाई नहीं होती। क्या नियम केवल छोटे कार्यकर्ताओं पर लागू होते हैं? क्या बड़े नेताओं पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए?
श्री वर्मा ने कहा कि यह दोहरा मापदंड ही कांग्रेस की गिरती हुई स्थिति के लिए जिम्मेदार है। पार्टी के अंदर अब किसी को किसी पर विश्वास नहीं रह गया है। सभी नेता एक-दूसरे की टांग खींचने में व्यस्त हैं। उन्होंने सचिन पायलट से सवाल करते हुए कहा कि भूपेश बघेल पर लगे गंभीर आरोपों पर चुप्पी क्यों? क्या कांग्रेस नेतृत्व सिर्फ दिखावे के लिए अनुशासन की बातें करता है?
“कांग्रेस की स्थिति अब ऐसी हो गई है कि न संगठन में अनुशासन बचा है, न आपसी विश्वास और न ही नेतृत्व की स्वीकार्यता। केवल कुर्सी की राजनीति शेष रह गई है।” – भाजपा प्रदेश महामंत्री भरतलाल वर्मा
भाजपा का यह हमला स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि वह कांग्रेस की आंतरिक गुटबाज़ी को आगामी चुनावों में बड़ा मुद्दा बनाकर भुनाने की रणनीति पर काम कर रही है।


