“योग: भारत की सनातन विरासत से वैश्विक आंदोलन तक — प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में योग बना विश्व शांति, स्वास्थ्य और सहयोग का माध्यम”




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ 21 जून 2025 को पूरी दुनिया 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रही है। यह केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक विरासत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का वह प्रतीक है जिसने योग को गली-गली से ग्लोबली तक पहुँचाया है। इस अवसर पर देशभर में विशेष आयोजन हो रहे हैं और विश्व समुदाय भी इस दिवस को नई चेतना, स्वास्थ्य और सहयोग के संकल्प के रूप में मना रहा है।
🕉️ मोदी जी का दृष्टिकोण: योग से वैश्विक शांति और समरसता
प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि “योग से सहयोग की भावना जन्म लेती है। यह दुनिया को जोड़ता है, तोड़ता नहीं।”
उनके द्वारा दिए गए संदेश “One Earth, One Health” में योग एक केंद्रीय स्तंभ के रूप में शामिल है। योग को उन्होंने सिर्फ एक शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि मानवता को जोड़ने वाली आध्यात्मिक डिप्लोमेसी के रूप में प्रस्तुत किया।

🌎 विशेष आयोजन और ऐतिहासिक रिकॉर्ड
वर्ष 2015 में नई दिल्ली के राजपथ पर ऐतिहासिक पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 35,000 से अधिक लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ योगाभ्यास किया। यह एक विश्व रिकॉर्ड बना।
2023 में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में 121 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जो भारत की योग-दूत भूमिका की पुष्टि करता है।
ये आयोजन इस बात का प्रतीक हैं कि आज योग, राजनयिक सेतु के रूप में विश्व के देशों को जोड़ रहा है।
👥 ‘जन-जन तक योग’: जन आंदोलन में परिवर्तन
प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प से आज योग सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि गांव, स्कूल, कार्यालय, जेल, सेना और दूरस्थ आदिवासी अंचलों तक पहुँच चुका है।
‘फिट इंडिया मूवमेंट’, ‘स्वस्थ भारत मिशन’ और आयुष मंत्रालय की योजनाओं में योग को एक केंद्रीय स्थान प्राप्त है। इससे स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और जीवनशैली सुधार को भी बल मिला है।
🪷 विश्व में योग का विस्तार: मोदी मॉडल
भारत के 150 से अधिक दूतावासों और उच्चायोगों में हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन होता है।
प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) ने योग को Global Centre for Traditional Medicine के रूप में मान्यता दी है।
“M-Yoga” ऐप की शुरुआत की गई, जो विभिन्न भाषाओं में विश्वभर के लोगों को वैज्ञानिक और पारंपरिक रूप से योगाभ्यास सिखाता है।
🧘♂️ प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तिगत योगदान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं प्रतिदिन योग करते हैं और देशवासियों को भी प्रेरित करते हैं।
उन्होंने योग को भारत की सॉफ्ट पावर के रूप में विश्व मंच पर प्रस्तुत किया और यह दिखाया कि आध्यात्मिकता और स्वास्थ्य साथ-साथ चल सकते हैं।
आज भारत, योग के माध्यम से दुनिया को यह संदेश दे रहा है कि हमारी प्राचीन परंपरा, आधुनिक मानवता की सबसे बड़ी ज़रूरत बन सकती है।
🌐 योग को वैश्विक मंच पर लाने का संकल्प
27 सितंबर 2014, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा भाषण में कहा:
“योग भारत की प्राचीन परंपरा है। यह मन और शरीर, विचार और क्रिया, संयम और पूर्ति के बीच सामंजस्य है। यह स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक संपूर्ण दृष्टिकोण है।”
इस ऐतिहासिक भाषण के बाद, मात्र 75 दिनों में रिकॉर्ड समय में 177 देशों के समर्थन से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया — यह कूटनीति, संस्कृति और संकल्प का विलक्षण संगम था।
🇮🇳 निष्कर्ष: योग से राष्ट्र, मानवता और विश्व का निर्माण
आज जब पूरा विश्व तनाव, असंतुलन और जीवनशैली संबंधी रोगों से जूझ रहा है, योग एक समाधान के रूप में उभरा है — भारत के नेतृत्व में, मोदी जी की सोच के माध्यम से।
21 जून न केवल योग का पर्व है, बल्कि मानवता के लिए एक संदेश है:
“सद्भाव, स्वास्थ्य और सहयोग – योग से ही संभव!”


