राहुल गांधी के ‘सरेंडर’ वाले बयान पर बवाल: भाजपा ने बताया सेना का अपमान, कहा– ‘पाकिस्तान की जुबान बोल रहे हैं’




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिकी दबाव में ‘सरेंडर’ करने के कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कथित बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी हमलावर हो गई है। छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने राहुल गांधी पर देश विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाते हुए उनके बयान को भारतीय सेना का घोर अपमान बताया है। सिंह देव ने कहा कि राहुल गांधी अब ऐसी बातें कर रहे हैं, जो पाकिस्तान के हुक्मरान और आतंकवादी भी कहने की हिम्मत नहीं करते।
किरण सिंह देव ने कहा कि जिस ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की घोषणा स्वयं भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने की है, उस पर सवाल खड़े कर राहुल गांधी ने न केवल सेना के साहस और पराक्रम को नीचा दिखाया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि सत्ता की लालसा में वे देशहित से समझौता करने को भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इतिहास में आत्मसमर्पण की मिसालें भरी पड़ी हैं – चाहे वह 1948, 1962, या 1971 के युद्धों के बाद की रणनीति रही हो, या फिर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद पाकिस्तान को दी गई राहत और सहायता।
उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार के समय पाकिस्तान को 215 करोड़ रुपये की सहायता भेजी गई, जब देश की जनता न्याय की अपेक्षा कर रही थी। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह समर्पण नहीं था? सिंह देव ने कांग्रेस के प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह के उस बयान का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि आतंकवादी हमलों के बावजूद भारत-पाक शांति वार्ता जारी रहेगी। इसे उन्होंने कांग्रेस की कमजोर कूटनीति और राष्ट्रहित से समझौता करने की प्रवृत्ति का उदाहरण बताया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहे हैं, और उन्होंने भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ खड़े चीन और तुर्की को छोड़कर लगभग सभी वैश्विक शक्तियां भारत के साथ हैं। ऐसे समय में राहुल गांधी का बयान राष्ट्रीय एकता को कमजोर करता है और पाकिस्तान को राजनीतिक ऑक्सीजन देता है।
किरण सिंह देव ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत माता के मृगेंद्र हैं। देश का मस्तक कभी झुकने नहीं देंगे। लेकिन राहुल गांधी जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह उन्हें ‘राहुल शरीफ’ या ‘राहुल मुनीर’ के रूप में प्रस्तुत करता है। उन्हें भारत की जनता और सेना से माफी मांगनी चाहिए।”


