“ढेलवाडीह में देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती की तैयारी को लेकर संगोष्ठी आयोजित, विधायक प्रेमचंद पटेल बोले – उनके आदर्श युगों तक प्रेरणा देते रहेंगे”





त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ ढेलवाडीह (कटघोरा) लोकमाता पूज्य देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती को ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप प्रदान करने हेतु कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम ढेलवाडीह में एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर कटघोरा विधायक माननीय श्री प्रेमचंद पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने अपने सारगर्भित उद्बोधन से उपस्थित जनसमुदाय को देवी अहिल्याबाई होल्कर के यशस्वी जीवन और कार्यों से अवगत कराया।

माननीय विधायक श्री पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि देवी अहिल्याबाई होल्कर केवल एक शासिका नहीं थीं, बल्कि वे भारतीय संस्कृति, नारी सशक्तिकरण और धर्म-सेवा की प्रतीक थीं। उन्होंने समाज में जनकल्याणकारी कार्यों की मिसाल कायम की। उनके द्वारा किए गए धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्य आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि हम सभी को उनके जीवन से सीख लेकर सेवा, परोपकार, न्याय और सदाचार के मार्ग पर चलना चाहिए।
कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें भाजपा जिला मंत्री श्री संजय शर्मा, कटघोरा मंडल अध्यक्ष अभिषेक गर्ग, जवाली मंडल अध्यक्ष श्रवण तंवर, मीना शर्मा, राम प्रसाद कोराम, पवन अग्रवाल, शिव गणेश कंवर, महेंद्र यादव, समजीत सिंह, अजय गर्ग, राजू दिवान, स्नेह लता पटेल, राजेश गुप्ता, बैसाखू यादव, मनोज सोनी, अमृत भारिया, अरविंद सिंह, राजेश, तानेश दीप, रंजीत सिंह, ईश्वर यादव, गायत्री श्रीवास्तव, सावित्री यादव सहित अनेक कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
संगोष्ठी का प्रमुख उद्देश्य देवी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन और योगदान को जन-जन तक पहुंचाना तथा आगामी 300वीं जयंती को एक व्यापक सामाजिक सहभागिता के साथ भव्य रूप में मनाने की योजना बनाना रहा।
वक्ताओं ने देवी अहिल्याबाई के जीवन से जुड़ी प्रेरक घटनाओं को साझा करते हुए उनके नेतृत्व, करुणा, सामाजिक समरसता और धर्म-सेवा के अद्भुत कार्यों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर का शासनकाल नारी नेतृत्व की श्रेष्ठतम मिसाल है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी जनों ने यह संकल्प लिया कि वे देवी अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने और अपने जीवन में आत्मसात करने का कार्य करेंगे।
इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि कटघोरा क्षेत्र के लोग इस ऐतिहासिक अवसर को पूरी श्रद्धा, भव्यता और सामाजिक समरसता के साथ मनाने के लिए तैयार हैं।


