नक्सलवाद पर कांग्रेस सिर्फ राजनीति करती रही, हमारी सरकार ने ज़मीन पर किया काम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय



मुख्यमंत्री का कांग्रेस पर बड़ा हमला — “सहयोग मिला होता तो वर्षों पहले खत्म हो जाता नक्सलवाद”
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन को लेकर सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel के दावों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस झूठ बोलने और जनता को भ्रमित करने की राजनीति में माहिर हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने वास्तव में नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की होती, तो प्रदेश में यह समस्या वर्षों पहले कमजोर पड़ चुकी होती।
रायपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार की स्पष्ट मंशा हमेशा से रही कि छत्तीसगढ़ सहित देश के सभी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को हिंसा और भय से मुक्त किया जाए, लेकिन पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण यह अभियान प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि कई बार सुरक्षा रणनीति और विकास योजनाओं को लेकर केंद्र की सोच के अनुरूप कार्य नहीं हो पाए, जिसका खामियाजा प्रदेश को भुगतना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बस्तर में जो सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है, वह केवल सुरक्षा बलों की कार्रवाई का परिणाम नहीं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, तेज विकास कार्यों और स्थानीय जनता के बढ़ते विश्वास का संयुक्त परिणाम है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बस्तर को हिंसा और पिछड़ेपन की पहचान से बाहर निकालकर विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई दिशा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
श्री साय ने कहा कि विपक्ष तथ्यहीन बयानबाजी और भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहा है, जबकि सरकार जमीनी स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर के गांवों तक सड़क, बिजली, पानी, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का अभियान तेजी से चल रहा है और इसका असर अब साफ दिखाई देने लगा है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश के कई राज्यों की भाजपा सरकारों ने नक्सल उन्मूलन अभियान में केंद्र का पूरा सहयोग किया, लेकिन छत्तीसगढ़ की पूर्व कांग्रेस सरकार से अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। श्री शाह ने यह भी कहा था कि 13 दिसंबर 2023 को प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ फिर से गंभीर और समन्वित अभियान शुरू किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवाद केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज बस्तर में जो शांति, सुरक्षा और विकास का वातावरण बन रहा है, वह केंद्र सरकार की स्पष्ट नीति, राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, सुरक्षा बलों के पराक्रम और जनता के विश्वास की जीत है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार के लिए बस्तर का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार का मुख्य लक्ष्य है।


