छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री प्रक्रिया में 10 बड़े बदलाव: अब तहसील के चक्कर नहीं, घर बैठे होगी रजिस्ट्री और नामांतरण




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **** अम्बिकापुर, 09 मई 2025/ छत्तीसगढ़ सरकार ने पंजीयन और नामांतरण की पारंपरिक जटिल प्रक्रिया को आम नागरिकों के लिए सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने पंजीयन विभाग में 10 क्रांतिकारी नवाचार लागू किए हैं, जिससे अब लोगों को रजिस्ट्री कराने के लिए बार-बार तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी।
शुक्रवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में इन नवाचारों की जानकारी दी गई।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि अब जमीन की रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः पूरी हो जाएगी। इससे जहां आम जनता को राहत मिलेगी, वहीं राजस्व विभाग एवं न्यायालयों पर भी बोझ कम होगा। उन्होंने बताया कि इन सुधारों से फर्जी दस्तावेज, बिचौलियों की भूमिका और भ्रष्टाचार की संभावनाएं लगभग समाप्त हो जाएंगी।
वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया और पारदर्शी प्रशासन की सोच को आगे बढ़ाने वाला कदम है। उन्होंने बताया कि “सुगम” मोबाइल एप के माध्यम से अब नागरिक संपत्ति की स्थिति, जियोटैगिंग, गाइडलाइन मूल्य आदि की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे।
पंजीयन प्रणाली में शामिल 10 नवाचार इस प्रकार हैं:
- आधार आधारित प्रमाणीकरण – पंजीयन के समय क्रेता और विक्रेता की पहचान आधार के माध्यम से होगी।
- ऑनलाइन सर्च सुविधा – खसरा नंबर डालते ही संपत्ति का पूरा रिकॉर्ड सामने आ जाएगा।
- भारमुक्त प्रमाणपत्र ऑनलाइन – संपत्ति पर कोई ऋण नहीं है, इसकी पुष्टि ऑनलाइन ही हो सकेगी।
- एकीकृत कैशलेस भुगतान – स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क का भुगतान एक साथ ऑनलाइन।
- व्हाट्सएप अलर्ट – रजिस्ट्री की स्थिति और दस्तावेज की जानकारी व्हाट्सएप पर।
- डिजीलॉकर एकीकरण – रजिस्ट्री दस्तावेज डिजीलॉकर में सुरक्षित।
- ऑटो डीड जनरेशन – दस्तावेज स्वतः तैयार होंगे, पूरी प्रक्रिया पेपरलेस होगी।
- डिजी डॉक्यूमेंट सुविधा – शपथ पत्र और अनुबंध पत्र डिजिटल माध्यम से बन सकेंगे।
- घर बैठे रजिस्ट्री – ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेकर घर से ही रजिस्ट्री प्रक्रिया संभव।
- स्वतः नामांतरण – रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण की प्रक्रिया भी स्वतः पूरी।
कार्यक्रम के अंत में महानिरीक्षक पंजीयन ने सभी अधिकारियों से आग्रह किया कि वे इन नवाचारों को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करें ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ प्राप्त कर सकें।
यह पहल राज्य में डिजिटल प्रशासन, पारदर्शिता और जनसुविधा की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।


