जशपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी उपलब्धि, तीन और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मिला एनक्वास सर्टिफिकेशन




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा जशपुर ****/ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लगातार बेहतर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में तथा कलेक्टर श्री रोहित व्यास के नेतृत्व में जशपुर जिले की स्वास्थ्य संस्थाएं लगातार गुणवत्ता के नए मानकों को छू रही हैं। इसी कड़ी में जिले की तीन और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों—पिरई, गड़ाकाटा एवं बगडोल—को भारत सरकार द्वारा नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्वास) सर्टिफिकेशन प्रदान किया गया है।
एनक्वास सर्टिफिकेशन भारत सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए दिया जाता है, जिसके अंतर्गत विभिन्न पहलुओं की सघन जांच की जाती है। इस वर्ष बगीचा विकासखण्ड की चार स्वास्थ्य संस्थाओं का मूल्यांकन किया गया, जिसमें से तीन संस्थाएं—आयुष्मान आरोग्य मंदिर पिरई (91.59%), गड़ाकाटा (89%) और बगडोल (76%)—अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के चलते इस प्रतिष्ठित सर्टिफिकेशन की पात्र बनीं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. जी. एस. जात्रा ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है, खासकर प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
एनक्वास सर्टिफिकेशन के लिए किसी भी स्वास्थ्य संस्था को कुल 12 प्रकार की सेवाओं में उच्च गुणवत्ता बनाए रखनी होती है, जिनमें प्रमुख रूप से प्रसव पूर्व देखभाल, शिशु एवं बाल स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, मानसिक स्वास्थ्य, संचारी एवं गैर-संचारी रोगों की जांच व प्रबंधन, वृद्धजन देखभाल तथा आपातकालीन सेवाएं शामिल हैं।
अब तक जशपुर जिले की कुल 09 स्वास्थ्य संस्थाओं को एनक्वास सर्टिफिकेशन प्राप्त हो चुका है, जिनमें जिला अस्पताल जशपुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आस्ता, रनपुर, भेलवा, घाघरा, शेखरपुर तथा एसएचसी पिरई, बगडोल एवं गड़ाकाटा शामिल हैं। यह उपलब्धि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के मानकीकरण और आमजन को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।


