रेडक्रॉस सोसायटी ने मशीनों की खराब गुणवत्ता पर उठाए सवाल, उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा जिले की भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा खरीदी गई चिकित्सा मशीनों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस संबंध में संस्था के चेयरमैन रामसिंह अग्रवाल द्वारा कलेक्टर कोरबा को दो अलग-अलग पत्रों के माध्यम से अवगत कराया गया है।
प्रथम पत्र में बताया गया है कि डीएमएफ (जिला खनिज न्यास निधि) के माध्यम से जिला अस्पताल और विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 38 चिकित्सा मशीनें जेन पोर्ट्स के माध्यम से खरीदी गई थीं। लेकिन उनमें से केवल 25 मशीनें ही कार्यरत हैं, जबकि 13 मशीनें खरीदी के कुछ समय बाद ही खराब हो चुकी हैं। विशेष रूप से रेडक्रॉस ब्लड बैंक के लिए खरीदी गई सेमीऑटोमेटिक सेरिंट्रीफ्यूज मशीन प्रमुख रूप से खराब मिली है, जिससे ब्लड बैंक की सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मशीनें खरीदी के बाद संबंधित तकनीकी सहायता और आवश्यक प्रशिक्षण नहीं दिया गया, जिससे उनका उपयोग बाधित हुआ है। निजी कंपनी को भुगतान भी कर दिया गया लेकिन सामान की गुणवत्ता और सप्लाई में खामियां सामने आई हैं।
द्वितीय पत्र में रामसिंह अग्रवाल ने मांग की है कि डीएमएफ से खरीदी गई सभी मशीनों की गुणवत्ता और सप्लाई प्रक्रिया की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय छानबीन समिति का गठन किया जाए। इस समिति में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों और विशेषज्ञों को शामिल किया जाए ताकि निष्पक्षता के साथ जांच हो सके और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जा सके।
इस पूरे मामले ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हलचल मचा दी है, और अब सभी की नजरें इस जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।


