July 24, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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“जायका होटल” में जायका नहीं, जेब पर वार! – फर्जी बिलिंग और धमकी से ग्राहक हलाकान, पुलिस पहुंची मौके पर

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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा  सारंगढ़  ****/    रानी लक्ष्मीबाई कॉम्प्लेक्स के पास स्थित जायका होटल इन दिनों ग्राहकों की जेब पर डाका डालने और बिल के नाम पर मनमानी वसूली करने के आरोपों के कारण चर्चा में है। होटल का नाम भले ही “जायका” है, लेकिन यहाँ का अनुभव ग्राहकों के लिए “धक्का” साबित हो रहा है।

क्या है मामला?
आज दोपहर अजय साहू अपने एक दोस्त के साथ होटल में गए और सिर्फ दो मसाला कोल्ड्रिंक और एक पानी की बोतल ऑर्डर की। सामान्यतः इसका बिल ₹100 के करीब होना चाहिए था, लेकिन उन्हें थमाया गया ₹600 का बिल! इसमें ₹500 का “वेटिंग चार्ज” जोड़ा गया, जिसका न तो मेन्यू में उल्लेख था, न ही ग्राहकों को पहले से बताया गया।

जब अजय ने इस मनमानी का विरोध किया और पक्का बिल मांगा, तो स्टाफ ने न केवल उसे धमकाया बल्कि बाहर जाने से भी मना कर दिया। हालात बिगड़ते देख अजय ने पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर कॉल किया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।

अजय का आरोप:

  • फर्जी बिल थमाया गया
  • पक्का बिल देने से इनकार किया गया
  • जबरदस्ती रकम चुकाने का दबाव
  • होटल स्टाफ की धमकी और अनुचित व्यवहार

जायका बना “झटका होटल” – जनता में नाराजगी
स्थानीय नागरिकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। एक दुकानदार ने तंज कसते हुए कहा, “यहाँ पानी पीओ तो पर्स सूख जाता है, और बोलो तो होटल जेल बना देता है!” सोशल मीडिया पर भी लोग होटल के खिलाफ शिकायतें साझा कर रहे हैं, जिनमें फर्जी बिलिंग, अनदेखी मेन्यू प्राइसिंग और गाली-गलौज जैसे आरोप प्रमुख हैं।

 

  • क्या होटल में वेटिंग चार्ज जैसी अवैध वसूली जायज़ है?
  • क्या ग्राहक से पक्का बिल छुपाना उपभोक्ता अधिकारों का हनन नहीं है?
  • क्या पुलिस की मौजूदगी के बिना आम नागरिक अपनी सुरक्षा और अधिकार सुनिश्चित नहीं कर सकता?

कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज
घटना के बाद अजय साहू ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई है और होटल के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन पर अब दबाव है कि वह इस तरह की लूट करने वाले होटल मालिकों पर नकेल कसे।

पाठकों से अपील:
यदि आप भी ऐसे किसी अनुभव से गुज़रे हैं, तो चुप न रहें। संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज करें, उपभोक्ता मंच में आवाज उठाएं और अपने अधिकारों की रक्षा करें।

 

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