सुशासन तिहार बना जनता और सरकार के बीच भरोसे का सेतु, गाँव-गाँव पहुँच रहा समाधान : डॉ. किरण बघेल



मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रशासन उतरा मैदान में, चौपालों से लेकर वार्डों तक मिल रही त्वरित राहत
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में इन दिनों प्रशासनिक व्यवस्था केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं दिखाई दे रही, बल्कि गाँव की चौपालों, गलियों, बस्तियों और दूरस्थ वनांचलों तक पहुँचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित “सुशासन तिहार 2026” अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता और शासन के बीच विश्वास को मजबूत करने वाला व्यापक जन-अभियान बन गया है।
सोमवार को रायपुर स्थित एकात्म परिसर के भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. किरण बघेल ने कहा कि राज्य सरकार ने सुशासन तिहार को केवल शिकायत निवारण कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे शासन की जवाबदेही, संवेदनशीलता और जनसरोकारों से जोड़कर एक नई पहचान दी है। यही कारण है कि प्रदेश के सुदूर आदिवासी अंचलों से लेकर शहरी वार्डों तक यह संदेश तेजी से पहुंचा है कि सरकार अब स्वयं लोगों के द्वार तक पहुँच रही है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं और सुविधाओं को बिना किसी भेदभाव और देरी के पहुंचाना है। सुशासन तिहार के माध्यम से राजस्व रिकॉर्ड सुधार, सीमांकन, राशन कार्ड, पेंशन, पेयजल, बिजली, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र सहित अनेक जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के क्लस्टर तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर बनाकर विशेष शिविर आयोजित किए गए हैं।
डॉ. बघेल ने कहा कि इस वर्ष सुशासन तिहार में विशेष रूप से उन मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है जो सीधे आम लोगों के दैनिक जीवन से जुड़े हुए हैं। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ी हैं तथा लोगों को तत्काल राहत मिल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लगातार गांवों का दौरा कर रहे हैं, औचक निरीक्षण कर रहे हैं और सीधे ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर मुख्यमंत्री बिना किसी औपचारिक मंच के पेड़ों की छांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद कर रहे हैं। इससे लोगों में विश्वास का वातावरण बना है और उन्हें महसूस हो रहा है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुन रही है। मुख्यमंत्री की यह कार्यशैली प्रशासनिक संवेदनशीलता और जनप्रतिबद्धता का उदाहरण बनकर सामने आई है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान जिला मुख्यालयों में लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। शिविरों में प्राप्त आवेदनों की नियमित निगरानी की जा रही है तथा उनके निराकरण के लिए समय-सीमा भी निर्धारित की गई है। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। अधिकारी अब केवल कार्यालयों में बैठकर काम नहीं कर रहे, बल्कि गांवों और मोहल्लों में जाकर समस्याओं का मौके पर समाधान कर रहे हैं।
डॉ. किरण बघेल ने कहा कि सुशासन तिहार 2026 केवल शिकायत निवारण कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनविश्वास निर्माण का व्यापक अभियान बन चुका है। गाँवों में लग रही चौपालें अब संवाद, सहभागिता और समाधान का मजबूत माध्यम बन रही हैं। लोगों को यह महसूस हो रहा है कि शासन उनकी बात सुन रहा है और समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर भी है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि सरकार का केंद्र सत्ता नहीं, बल्कि जनता है। यही भावना इस अभियान को विशेष बनाती है और यही इसकी सबसे बड़ी सफलता भी मानी जा रही है। सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा की नई संस्कृति विकसित हो रही है, जो आने वाले समय में विकास और जनकल्याण की मजबूत आधारशिला साबित होगी।


