कांग्रेस की पदयात्रा रद्द: भाजपा ने बताया राजनीतिक हताशा और मुद्दाविहीनता का प्रमाण




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा रायपुर ****/ छत्तीसगढ़ में कांग्रेस द्वारा दुर्ग से रायपुर तक की प्रस्तावित पदयात्रा को रद्द करने पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू ने इस फैसले को कांग्रेस की राजनीतिक दिवालिएपन और दिशा-विहीन नेतृत्व का प्रतीक बताया है।
कांग्रेस की रणनीति जनता के बीच हास्यास्पद: रंजना साहू
श्रीमती साहू ने कहा कि एक मासूम बच्ची से दुष्कर्म जैसी दर्दनाक घटना को राजनीतिक रंग देकर कांग्रेस अपनी बची-खुची साख को और कमजोर करने पर आमादा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार की तत्परता से जाँच, गिरफ्तारी, डीएनए और फॉरेंसिक रिपोर्ट की कार्रवाई हो चुकी है, और पीड़िता के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए सरकार कटिबद्ध है।
कांग्रेस की सियासत: संवेदनाओं पर स्वांग
रंजना साहू ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह हर संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण कर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करती है। उन्होंने बलौदाबाजार की हिंसा और कवर्धा में किसान आत्महत्या जैसे मामलों का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस के नेताओं की भूमिका हमेशा संदेह के घेरे में रही है।
उन्होंने कहा, “बलौदाबाजार की आगजनी में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव समेत अन्य नेताओं की संलिप्तता साबित हुई। कांग्रेस सिर्फ अफवाहों और भ्रम फैलाकर समाज में अव्यवस्था फैलाना चाहती है।”
भाजपा सरकार की प्राथमिकता: सुशासन और न्याय
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश की सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस आदिवासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को स्वीकार नहीं कर पा रही है और अराजकता फैलाने के टूलकिट एजेंडे पर काम कर रही है।
उन्होंने साफ कहा कि छत्तीसगढ़ में अब “विष्णु का सुशासन” है, जहां कानून का राज है और कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति और साजिशों से सतर्क रहें।
निष्कर्ष:
कांग्रेस द्वारा पदयात्रा रद्द करना केवल एक कार्यक्रम स्थगन नहीं बल्कि एक राजनीतिक असफलता की स्वीकारोक्ति है। भाजपा का कहना है कि प्रदेश की जनता अब कांग्रेस की इन नाटकीय और अवसरवादी चालों को भलीभांति समझ चुकी है और राज्य की शांति और स्थिरता को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी।


