दिव्यांग क्रिकेट से हुआ राज्य स्तरीय रात्रिकालीन क्रिकेट प्रतियोगिता का प्रेरणादायक शुभारंभ — 24 टीमों की भागीदारी, खेल भावना और समावेशिता का सशक्त संदेश




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा जिले ने एक प्रेरणास्पद और ऐतिहासिक आयोजन का गवाह बनते हुए स्वर्गीय डॉ. बंसीलाल महतो स्मृति राज्य स्तरीय रात्रिकालीन क्रिकेट प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ किया। टूर्नामेंट की शुरुआत दिव्यांग व्हीलचेयर क्रिकेट मैच से की गई, जिसने आत्मबल, संघर्ष और सामाजिक समावेशिता की जीवंत मिसाल पेश की।
दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। उनके साथ नगर पालिक निगम कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत।भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज शर्मा और नगर पालिका परिषद दीपका के अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत।संतोष दवांगन , डॉक्टर आलोक सिंह, नरेंद्र देवांगन, ने भी दीप प्रज्वलित कर इस आयोजन की गरिमा को बढ़ाया। समारोह स्थल पर भारी संख्या में खेल प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की उपस्थिति रही।
दिव्यांग खिलाड़ियों की अद्भुत प्रस्तुति
शाम 6:00 बजे कोरबा जिला दिव्यांग व्हीलचेयर क्रिकेट टीम (कप्तान लक्की सोनी) और छत्तीसगढ़ की एक अन्य दिव्यांग टीम के बीच हुआ मुकाबला केवल एक खेल नहीं बल्कि साहस, आत्मविश्वास और जज़्बे का प्रतीक बन गया। दर्शकों ने खिलाड़ियों की ऊर्जा और समर्पण को भरपूर सराहा और तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।
कप्तान लक्की सोनी ने कहा:
“यह मैच हमारे जीवन की एक नई शुरुआत है। हम चाहते हैं कि समाज हमारे संघर्ष और समर्पण को समझे और सम्मान दे।”
पुलिस प्रशासन बनाम प्रेस क्लब का मैत्री मैच
रात्रि 8:00 बजे कोरबा पुलिस प्रशासन और प्रेस क्लब (प्रेस 11) के बीच एक मैत्रीपूर्ण मुकाबला खेला गया। यह मैच खेल भावना के साथ-साथ मीडिया और प्रशासन के सौहार्द्रपूर्ण रिश्ते को और भी मजबूत करता दिखा।
24 टीमों की भागीदारी से आयोजन को मिली व्यापकता
प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ राज्य भर से 24 टीमों ने भाग लिया है, जो आने वाले दिनों में शानदार मुकाबलों के साथ अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगी। यह आयोजन कोरबा को छत्तीसगढ़ के खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के प्रख्यात जनसेवक और समाजसेवी स्वर्गीय डॉ. बंसीलाल महतो की स्मृति को समर्पित है। उनके जनकल्याण और खेलों के प्रति समर्पण को यह आयोजन विनम्र श्रद्धांजलि देता है। यह आयोजन युवा पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का सशक्त अवसर प्रदान कर रहा है।
“जब मैदान में उतरते हैं हौसले, तो रनों से ज़्यादा रिश्ते बनते हैं — कोरबा ने आज एकता, समर्पण और सामाजिक समरसता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया।”




