आंधी-बारिश से ढही निर्माणाधीन राइस मिल की दीवार, मलबे में दबे मजदूर, तीन की मौत


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा।****/ जिले में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई। अंबिकापुर-बिलासपुर मार्ग पर स्थित ग्राम मोरगा और उसके आसपास के क्षेत्रों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और बड़े-बड़े ओलों की बौछार हुई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
इस दौरान कटघोरा तहसील क्षेत्र में स्थित एक निर्माणाधीन राइस मिल की दीवार अचानक ढह गई, जिसके मलबे में करीब छह मजदूर दब गए। हादसे के तुरंत बाद मौके पर हड़कंप मच गया, और स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन की टीम भी राहत और बचाव कार्य में जुट गई।
तेज आंधी-तूफान से जनजीवन प्रभावित
दोपहर होते-होते मौसम ने अचानक करवट ली। गर्मी से तपते इलाकों में देखते ही देखते तेज हवाओं के झोंके चलने लगे और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ ही ओलों की भी बौछार हुई, जिससे कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
विशेष रूप से कटघोरा क्षेत्र में मौसम की मार कुछ ज्यादा ही देखने को मिली, जहां आंधी और बारिश के कारण निर्माणाधीन राइस मिल की दीवार अचानक भरभराकर गिर पड़ी। इस दर्दनाक हादसे में लगभग आधा दर्जन मजदूर मलबे में दब गए।
तीन मजदूरों की मौत, कई घायल
स्थानीय लोगों और पुलिस प्रशासन की मदद से मलबे में दबे मजदूरों को निकालने का कार्य तेज़ी से किया गया। हालांकि, अपुष्ट सूत्रों के अनुसार, दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायलों को डायल-112 की मदद से कटघोरा अस्पताल भेजा गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही एक और मजदूर ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या तीन तक पहुंच गई।
बचाव कार्य में जुटा प्रशासन
सूचना मिलते ही कटघोरा थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और राहत कार्य की निगरानी की। उन्होंने बताया कि घटना की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।
इस बीच, कोरबा जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी भी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। प्रशासन द्वारा घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था करने और हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं।
गांव में शोक की लहर
इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त हो गया है। स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने कहा है कि मृतकों के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाएगा और घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल खड़े करता है। प्रशासन ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।


