कोरबा कुसमुंडा खदान मे कार्यरत 110 मजदूरों को एक निजी कंपनी ने निकाला कार्य से



* मजदूरों के सामने आई रोजी-रोटी की समस्या
* एसईसीएल प्रबंधन पर लगाया सांठगांठ का आरोप
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया के अधीन संचालित एसईसीएल बिलासपुर की कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की मेगा प्रोजेक्ट एसईसीएल कुसमुंडा खदान के अधीन कार्यरत एक निजी कंपनी प्रबंधक पर खदान मे कार्यरत मजदूर 110 कर्मचारियों को बिना सूचना, जानकारी व नोटिस दिए बगैर ही मनमानी पूर्वक काम से निकाल देने का आरोप लगा हैं। बताया जा रहा हैं की काम से निकाल देने से सैकड़ो मजदूर बेरोजगार हो गए, उनके सामने रोजी रोटी की समस्या आ रही है।
जनदर्शन में अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे मजदूरों ने एक निजी कंपनी के प्रबंधक व साइड इंचार्ज पर आरोप लगाया हैं। साथ ही वहा के पार्षद का संरक्षण प्राप्त कर कुछ लोगो के द्वारा खदान में घुसकर दादागिरी व मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने के साथ ही मजदूरों को डरा धमका कर निजी कंपनी से भगा देने का आरोप भी लगाया हैं। उनका कहना हैं की निजी कंपनी के प्रबंधक ने सभी मजदूरों को कंपनी में काम देने से साफ मना कर दिया है।
उक्त मामले से मजदूरों ने एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन को भी अवगत कराया है बावजूद इसके कंपनी को संरक्षण दीये जाने का आरोप लगाया गया हैं। कलेक्टर जनदर्शन मे सैकड़ो की संख्या मे आए मजदूरों मे जिलाधीश से मिलकर काम से निकाले जाने सहित अन्य मांगो पर ज्ञापन सौपा है।

