February 13, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

*” बीजेपी अयोध्या नही,बल्कि फैजाबाद (फैजाबाद में पाच प्रदेश है जिस में अयोध्या केवल एक है!!🙄)की सीट हारी है!लेकिन लोग अयोध्या न जाए इसलिए यह भ्रम जानबूझकर फैला रहे है।*”😳

२) *अयोध्या के( राम लहर के कारण ही) वजह से ही पूरे भारत में तीसरी बार बीजेपी सरकार बनाने जा रही है।भगवान श्रीराम और अयोध्या के वजह से ही बीजेपी आज भी तीसरी बार सरकार बना रही है।यह भी दुरुस्त करे*…..!!👆👆👆👆🙏

३) बीजेपी अयोध्या हारी है ,यह खबर इतनी वायरल की गई कि *किसी को एक पल के लिए भी नहीं लगा कि अयोध्या नाम की कोई सीट है ही नहीं. इस सीट का नाम फैजाबाद है*। 😳
४) यहां तक कि अधिकांश आरडब्ल्यू भी इस कथा के झांसे में आ जाते हैं।
बीजेपी ने अयोध्या की सीट नहीं हारी है, *फैजाबाद की सीट हारी है.*
५) *अयोध्या फैजाबाद संसदीय क्षेत्र का छोटा सा हिस्सा है. फ़ैज़ाबाद के अंतर्गत 5 विधानसभा क्षेत्र हैं। अयोध्या 5 में से एक है. अयोध्या विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी को बढ़त मिली है जबकि बाकी 4 सीटों पर बीजेपी को एसपी से कम वोट मिले हैं*

५) *इसलिए बीजेपी ने अयोध्या नहीं खोई है. यह जीत गया है.*

६) *लेकिन जानबूझकर यह नैरेटिव सेट किया जा रहा* है कि बीजेपी ने अयोध्या खो दी है. *फैजाबाद नाम का उपयोग नहीं किया गया है और अयोध्या का उपयोग किया गया है।*
७) *यूपी में बीजेपी की भारी हार हुई तो यह स्वाभाविक है कि पूरे भारत में बीजेपी समर्थक नाखुश और नाराज होंगे।लेकिन बीजेपी यूपी में 44 सीटें हार गई(वह भी इसलिए की क्षेत्रीय समस्या को नजरंदाज किया गया,ऐसे उम्मीदवार खड़े किए जिसे लोग जानते ही नहीं थे।), *केवल एक सीट को हाइलाइट किया गया और दिखाया गया कि हिंदुओं ने “अयोध्या” खो दी।*
८) *और ये सब उन लोगों ने किया है जिन्होंने आखिरी दिन तक राम मंदिर का विरोध किया. वे दर्शन के लिए भी नहीं गए*।
*श्री राम के अस्तित्व पर संदेह करने वालों द्वारा ऐसी कहानी गढ़ी जाती है, मानो बाबर फिर से आ गया हो।*

९) *अब इस पर ध्यान दें – जब हम कहते हैं कि बीजेपी फ़ैज़ाबाद में हार गई, तो यह उसी तरह है जैसे बीजेपी ग़ाज़ीपुर, बारामूला, हैदराबाद, मुर्शिदाबाद (नाम पर भी गौर करें)आदि में हार गई। क्या आप समझते हैं?*

१०) *लेकिन जब यह कहा जाता है कि बीजेपी ने अयोध्या खो दी तो संदेश अलग अर्थ लेकर जाता है. अयोध्या का संबंध श्री राम से है. यह हिंदू जागृति से जुड़ा है। अयोध्या शब्द सुनते ही हमारे मन में कई भावनाएँ उभर आती हैं।*

११) *दूसरी बात यह है कि हम आरडब्ल्यू किसी ऐसी चीज पर प्रतिबंध लगाने या उसका बहिष्कार करने में माहिर हैं जो हमें पसंद नहीं है। हम बिना किसी हिचकिचाहट के चीजों/व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाते हैं, उनका बहिष्कार करते हैं।*

शत्रु खेमे (आई.एन.डी.आई.) ने इस मानसिकता का बेहतरीन इस्तेमाल किया🤦🏻‍♀️

१२) *उन्होंने ऐसे पोस्ट/संदेश बनाए – – हम अयोध्या नहीं जाएंगे यानी अयोध्या पर प्रतिबंध लगाओ” कुछ बेवकूफों ने तो अपने टिकट भी कैंसिल कर दिए हैं*।

अगर हम अयोध्या जाएंगे भी तो वहां रुकेंगे नहीं, वहां खाना नहीं खाएंगे, वहां शॉपिंग नहीं करेंगे वगैरह-वगैरह।

आरडब्ल्यू बेवकूफों ने इसे उठाया और वायरल कर दिया।

१३) *अरे जरा सोचो. आप अयोध्या में नहीं रहेंगे तो कहां रहेंगे? जाहिर तौर पर नजदीकी शहर फैजाबाद में जहां जिहादी मानसिकता वाले संख्या में अधिक हैं, इसलिए वे हमारा पैसा कमाएंगे।*
१४) *इसका मतलब है कि पहले हिंदुओं को अयोध्या न आने के लिए उकसाएं, और अगर कोई जाए तो उन्हें अयोध्या में पैसा खर्च न करने के लिए उकसाएं, जहां हिंदू व्यापार करते हैं। परिणाम – स्थानीय हिंदुओं और आगंतुक हिंदुओं के बीच अविश्वास पैदा करना।*

१५) *बस एक प्रश्न – दक्षिण गोवा में भी भाजपा हार गई। आपमें से कितने लोग दक्षिण गोवा जाना बंद कर देंगे*?🤔

१६) *नेरेटीव को समझो और बहकावे में मत आओ*🙏

१७) *”भगवान श्रीराम और अयोध्या के वजह से ही आज भारत में एक हिंदू शासक अपनी तीसरी बहुमत वाली मजबूत सरकार बनाने जा रहे हैं।*

*इसलिए भगवान श्रीराम और अयोध्या के साथ डट के खड़े रहे, नेरेटिव के झांसे में न आए।अयोध्या जाए ,भगवान श्रीराम जी का दर्शन करे।*🚩🚩🚩

*जय श्री राम* 🚩🚩🚩🚩🚩

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