कोरबावासियो के स्वस्थ मनोरंजन के लिये लगे डिजनीलैंड मेले के अस्थायी तंबुओं में फैली बदहवासी, तीन की रहस्यमय मृत्यु-कुछ की हालत अभी भी खराब



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा अंचलवासियो के स्वस्थ मनोरंजन के लिये कोरबा में डिजनीलैंड मेले की स्थापना कर शहरवासियो के लिये विभिन्न प्रकार के खाद्य व्यंजन यहां स्थापित किये गए। अस्थायी दुकानों के माध्यम से इन्हे यहां सुलभ कराया जाता हैं। यहां अन्य-अन्य स्थानों से मनमोहक सामग्रियों की दुकाने भी लगाई जाती हैं। साथ ही बच्चो के लिये अच्छे-अच्छे झूले भी यहां होते हैं। ये दुकानदार अपने करींदो के साथ वही पर बनाये गए अस्थायी तंबुओं में अपना प्रवास काटते हैं। इसके साथ-साथ वे अपनी अभिरुचि के अनुसार भोजन व्यवस्था भी किये होते हैं। इनका अस्थायी बसेरा खुले आसमान के नीचे जमीन पर ही बनता हैं। ये दुकानों को निश्चीत समयावधि में बंद कर इन्ही तंबुओं में आकर भोजन के बाद सुविधानुसार निंद्रा सहित विश्राम करते हैं। जीवनयापन के लिये संघर्षपूर्ण बद्दू जीवन इनकी जीवनचर्या बन जाती हैं।
25 मई को शुक्रवार-शनिवार की मध्य रात्रि वहा एक अजीब सी बदहवासी तंबुओं में भोजन उपरांत विश्राम करते कुछ दुकानदारों में फैल गयी। क्योकि वे लोग पूरी तरह से बेचैनी के आगोश में समाकर उल्टियां करने लगे। तात्कालिक तौर पर माना गया की खानपान में किसी चूक के कारण यह विपदा आई हैं। कोरबा जिला चिकित्सालय की सुविधा को प्राप्त करते हुए इनमे से तीन प्राण त्याग चुके और कुछ अन्य लोग इसी तैयारी में जुटे दिखे।
इस घटना को गंभीर मानते हुए बुधवारी बाजार के निकट महाराणा प्रताप चौक पर लगाए गए इस अस्थायी मेले में रात्रि ही सीन ऑफ क्राइम यूनिट के वैज्ञानिक अधिकारी और चिकित्सकों की टीम ने मृतकों के शव का बारीकी से निरीक्षण किया। तब जाकर ऐसा लगा की यह मामला विषाक्त भोजन के साथ-साथ मृतकों के शरीर पर पाए गए निशान, जहरीले जीव-जंतुओं की कारस्तानी भी उभारने लगे इनकी मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा तो वृहद रूप से चिकित्सकीय प्रतिवेदन के प्राप्त होने के बाद ही होगा। किंतु अजीबो-गरीब ढंग से घटित इस घटना ने रहस्यमय स्थिति उत्पन्न कर दी हैं।
जांच-पड़ताल के दौरान मेला सूत्रो ने बताया हैं की शुक्रवार की रात्रि भोजन उपरांत अपने दुकान में सोए हुए थे। इसी दौरान रात लगभग 3 बजे पेट दर्द के साथ इन्हे उल्टी की शिकायत शुरू हो गई। घटना की जानकारी होने पर कर्मचारियों ने सुबह लगभग 5 बजे इनको इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल दाखिल कराया, जहां इलाज के दौरान दोनों व्यवसायियों की मृत्यु हो गई। इधर डिजनीलैंड मेले के भीतर दुकान में सो रहे एक व्यक्ति की भी मृत्यु हो चुकी थी। शहर में तीन व्यवसाईयों के रहस्यमय ढंग से मृत्यु के बाद हड़कंप मच गया। इस पूरे मामले को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। इन कयासों के बीच नई बातें निकलकर सामने आई है। दरअसल घटना की जानकारी होने पर मानिकपुर पुलिस की टीम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मर्चयुरी पहुंची। पुलिस ने मामले की तह तक जाने फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को सूचना दी। सीन ऑफ क्राइम यूनिट के वैज्ञानिक अधिकारी डॉक्टर सत्यजीत कौसरिया और डॉक्टरों की टीम ने मृत व्यवसायियों के शरीर का निरीक्षण किया। इस दौरान दो व्यवसाई के शरीर में काटने के निशान मिले, जिससे आशंका जताई जा रही है कि व्यवसायियों की मौत किसी जहरीले सर्प अथवा जंतु के काटने से हुई होगी। उन्हें गहरी नींद में होने के कारण जंतु के काटने की भनक नहीं लगी। इसे लेकर डॉक्टरों की टीम ने बिसरा प्रिजर्व कर लिया है। साथ ही स्कीन जांच के लिए भी एफएसएल को भेजे जाने के निर्देश दिए हैं, ताकि व्यवसायियों की मौत की असली वजह स्पष्ट हो सके।

