कोरबा एसएलआरएम सेंटर के सुपरवाइजर के खिलाफ अपराध हुआ दर्ज



* लाभांश में छह लाख से अधिक की गड़बड़ी का आरोप
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा एसएलआरएम सेंटर में काम करने वाली स्वच्छता कर्मियों को कचरा कलेक्शन व गोबर खाद की बिक्री से मिलने वाले लाभांश को न देकर लगभग छह लाख से अधिक की गड़बड़ी करने के आरोप में एसएलआरएम सेंटर के सुपरवाइजर के खिलाफ स्वच्छता निरीक्षक की रिपोर्ट पर पुलिस ने आपराधिक विश्वासघात के आरोप में धारा 406 के तहत अपराध दर्ज किया है।
नगर निगम के एसएलआरएम सेंटर वैशाली नगर में डोर टू डोर लोगों के घरों से कचरा कलेक्शन कर इकट्ठा किया जाता है, यहीं पर छंटनी करने का काम किया जाता है। एसएलआरएम सेंटर की मॉनिटरिंग करने के लिए एक सुपरवाइजर नियुक्त किया गया है। यहां उत्सर्जित विक्रय योग्य सामान की बिक्री से मिली राशि को सुपरवाइजर के द्वारा सेंटर में काम करने वाले सफाई मित्रों के बीच बराबर बांटना था। उक्त सेंटर में गोबर से बनाई खाद की बिक्री से लाभांश राशि स्वच्छ सर्वमंगला नगर क्षेत्र स्तरीय संगठन के बैंक खाते में जमा होती है। जिस राशि को स्वच्छता कर्मियों के बीच वितरण किया जाता है। स्वच्छता कर्मियों ने लाभांश की राशि नहीं मिलने की शिकायत की थी, जिसकी विभागीय जांच कराई गई।
जांच में वर्ष 2020 से 2023 तक उत्सर्जित विक्रय योग्य सामान से प्राप्त राशि 2 लाख 84 हजार 100 रुपये और गोधन न्याय योजना से प्राप्त लाभांश की राशि 3 लाख 50 हजार 190 रुपये सहित 6 लाख 35 हजार 290 रुपये का वितरण संबंधितों को नहीं किया गया है। इस तरह सुपरवाइजर पर इतनी राशि के गबन का आरोप लगाया गया हैं। जांच के बाद सुपरवाइजर के खिलाफ अपराध दर्ज करने के लिए स्वच्छता निरीक्षक ने आवेदन दिया था। पुलिस ने सुपरवाइजर के विरूद्ध धारा 406 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

